सागर/देवरी, 31 जुलाई 2025
मध्यप्रदेश के सागर जिले के देवरी क्षेत्र में नागपंचमी के दिन हुए एक दर्दनाक हादसे का अंत गुरुवार को तब हुआ, जब गर्भवती महिला वंदना साहू (22) का शव हादसे के 48 घंटे बाद पचासिया गांव के पास झाड़ियों में फंसा मिला। नाले में बहने के बाद वंदना की तलाश में स्थानीय प्रशासन, गोताखोरों और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम ने दिन-रात सर्च ऑपरेशन चलाया। अंततः गुरुवार सुबह महिला का शव पुल से लगभग 5 किलोमीटर दूर बरामद किया गया।

पूजा से लौटते समय बह गई थी गर्भवती महिला
मंगलवार को नागपंचमी के पावन अवसर पर वंदना साहू अपने पति दशरथ साहू और बहन के साथ देवरी के प्रसिद्ध रामघाट मंदिर में पूजा करने गई थीं। पूजा के बाद तीनों बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। लेकिन जैसे ही वे रामघाट नाले पर बने पुल तक पहुंचे, वहां पर भारी बारिश के कारण तेज बहाव में पानी बह रहा था। पुल पार करते समय बाइक फिसल गई और वंदना नाले में बह गई। दशरथ और बहन किसी तरह बच गए, लेकिन वंदना तेज बहाव में बह गई।

बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के आगे हार गए लोग
हादसे के चश्मदीद और स्थानीय निवासी लखन जाटव और रिजवान खान ने साहस दिखाते हुए वंदना को बचाने के लिए पानी में छलांग लगाई। लेकिन नाले का बहाव इतना तेज था कि वे वंदना तक नहीं पहुंच पाए और उसे बचाया नहीं जा सका। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल बन गया।
पहले SDRF, फिर NDRF ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही देवरी पुलिस, SDERF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। दो दिनों तक तलाश जारी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद जबलपुर से NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की 30 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया।

शव झाड़ियों में फंसा मिला, 5 किलोमीटर दूर बह चुका था शरीर
बुधवार रात को NDRF की टीम देवरी पहुंची और गुरुवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। वोट और गोताखोरों की मदद से करीब 2 किलोमीटर तक पानी में खोजबीन की गई। इसी दौरान पचासिया गांव के पास झाड़ियों में फंसा शव मिला, जिसे सुरक्षित बाहर निकाला गया।
शव की हुई शिनाख्त, परिवार में मातम
परिजनों को सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और शव की पहचान वंदना साहू के रूप में की। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और बाद में परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद पूरे देवरी क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। वंदना की मौत ने लोगों को झकझोर दिया है, खासकर इसलिए क्योंकि वह गर्भवती थी और एक नया जीवन जन्म लेने से पहले ही समाप्त हो गया।

पुल पर पानी बह रहा था, प्रशासन ने चेतावनी नहीं दी
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लगातार बारिश के चलते रामघाट पुल पर पानी बह रहा था, लेकिन कोई चेतावनी बोर्ड, बेरिकेटिंग या गश्त नहीं थी। इस वजह से कई लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे थे। अगर समय रहते चेतावनी दी जाती या रास्ता बंद किया जाता, तो हादसा टाला जा सकता था।
SDM मुनव्वर खान ने बताया—
“लगातार बारिश के कारण पुल पर पानी बह रहा था। महिला की तलाश के लिए पूरा प्रशासन सक्रिय था, अंततः एनडीआरएफ की मदद से गुरुवार को सफलता मिली। भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए सतर्कता बरती जाएगी।”
अब सवाल प्रशासनिक तैयारी पर
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देवरी जैसे इलाकों में जहां छोटी नदियां और नाले बरसात में उफान पर रहते हैं, वहां चेतावनी तंत्र और सुरक्षा इंतजाम न होना घातक साबित हो सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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