सागर के नवीन वृद्ध आनंद आश्रम में नव वर्ष की पूर्व बेला में सुंदरकांड का आयोजन और दान की अपील !

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नवीन वृद्ध आनंद आश्रम में नव वर्ष की पूर्व बेला में एक विशेष धार्मिक आयोजन किया गया, जिसमें वृद्ध जनों के साथ सुंदरकांड का पाठ किया गया। इस आयोजन के दौरान आश्रम में रहने वाले वृद्धजनों को भोजन प्रसादी भी वितरित की गई, जिससे उनकी आत्मिक शांति और खुशी को बढ़ावा मिला।

दान की महत्ता पर डॉ. जयंती गुप्ता का विचार
इस अवसर पर डॉ. जयंती गुप्ता ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि “नवीन वृद्ध आश्रम में आवश्यकता अनुसार वस्तुओं का दान करने से व्यक्ति को आत्मिक शांति प्राप्त होती है, और यह जीवन को और भी सफल बनाता है।” डॉ. गुप्ता ने बताया कि वे पिछले 11 वर्षों से इस आश्रम से जुड़ी हुई हैं और समय-समय पर वहां दान और सेवा कार्य करती रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यों से न केवल दानकर्ता को संतुष्टि मिलती है, बल्कि इससे वृद्ध जनों को भी अपार खुशी और संतोष प्राप्त होता है।

कलेक्टर श्री संदीप जी आर की अपील
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने इस आयोजन के दौरान एक अपील की और बताया कि सागर के निवासी अब वृद्ध आश्रम में वस्तुएं दान करके न केवल अपना पुण्य अर्जित कर सकते हैं, बल्कि समाज की सेवा भी कर सकते हैं। कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिला प्रशासन द्वारा रेड क्रॉस और अन्य संस्थाओं के माध्यम से आश्रम में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने इस पहल को सामाजिक दायित्व के रूप में देखा और सभी से अपील की कि वे अपनी क्षमता अनुसार दान करें ताकि वृद्ध आश्रम में रहने वाले वृद्ध जनों की सुविधा और सेवा में और भी वृद्धि हो सके।

डॉ. जयंती गुप्ता का परिवार भी कार्य में शामिल
डॉ. जयंती गुप्ता और उनका परिवार पिछले 10 वर्षों से नियमित रूप से नवीन वृद्ध आश्रम में न केवल दान कर रहे हैं, बल्कि वृद्ध जनों के साथ भजन कीर्तन और सेवा कार्य भी करते हैं। उनका मानना है कि यह न केवल आत्मिक शांति का साधन है, बल्कि इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जाता है। डॉ. गुप्ता ने सभी जिलेवासियों से अपील की कि वे वृद्ध आश्रम में आकर न केवल सेवा करें, बल्कि अपने सामर्थ्यानुसार दान भी करें।

आश्रम में दान से वृद्ध जनों की सेवा
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने बताया कि दानदाताओं द्वारा वृद्ध आश्रम में दिए जाने वाले सामान और सेवाओं से वृद्ध जनों की स्थिति में सुधार हो रहा है। आश्रम में निवासरत वृद्धजन अधिक सम्मान और देखभाल का अनुभव कर रहे हैं। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन ने वृद्ध आश्रम की सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का ध्यान रखा है और सुनिश्चित किया है कि दान से प्राप्त वस्तुएं वृद्ध जनों की सेवा में ही उपयोग में लाई जाएं।

आश्रम में दान और सेवा का महत्व
यह आयोजन और दान की अपील एक सकारात्मक कदम है, जो समाज में सेवा और करुणा की भावना को प्रोत्साहित करता है। डॉ. जयंती गुप्ता ने सभी से अनुरोध किया कि वे वृद्ध आश्रम में आकर वृद्ध जनों की सेवा करें और उनका मनोबल बढ़ाएं। इस प्रकार के आयोजनों से समाज में वृद्धों के प्रति सम्मान और देखभाल का एक नया दृष्टिकोण उत्पन्न होता है।


इस आयोजन ने सागर जिले के निवासियों को प्रेरित किया है कि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ वृद्ध जनों के लिए भी योगदान दें। कलेक्टर श्री संदीप जी आर और डॉ. जयंती गुप्ता की अपील ने यह स्पष्ट किया है कि दान और सेवा न केवल समाज की भलाई के लिए है, बल्कि यह आत्मिक शांति और संतोष का भी मार्ग है।

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