सागर के बड़तूमा गांव में मासूम के तकिए के पास पहुंची नागिन !

Spread the love

मध्य प्रदेश के सागर जिले के ग्राम बड़तूमा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मासूम बच्ची की जान उस समय खतरे में पड़ गई जब एक जहरीली कोबरा प्रजाति की नागिन उसके तकिए के पास आकर बैठ गई। यह घटना शनिवार सुबह की है, जिसने पूरे गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। हालांकि परिवार की सूझबूझ और समय रहते की गई कार्रवाई के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

जानकारी के अनुसार, बड़तूमा निवासी प्रशांत ठाकुर के घर में उनकी छोटी बच्ची सुबह अपने बिस्तर पर सो रही थी। उसी दौरान करीब ढाई फीट लंबी एक नागिन चुपचाप घर में घुस आई और बच्ची के तकिए के पास आकर बैठ गई। यह दृश्य जैसे ही परिवार के अन्य सदस्यों की नजर में आया, वे घबरा गए, लेकिन उन्होंने संयम बनाए रखते हुए तुरंत प्रतिक्रिया दी।

परिजनों ने जैसे ही आवाज की, नागिन सतर्क हो गई और तेजी से सरकते हुए पास ही रखे फ्रिज के नीचे जाकर छिप गई। इस दौरान बच्ची अभी भी बिस्तर पर ही थी। माता-पिता ने बिना देर किए अपनी बच्ची को सुरक्षित उठाया और घर के बाहर ले गए। इस तरह उनकी त्वरित प्रतिक्रिया ने एक संभावित हादसे को टाल दिया।

घटना के बाद परिवार ने तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी और स्थानीय स्तर पर मदद की कोशिश शुरू की। इसके साथ ही सागर शहर में सक्रिय स्नेक कैचर बबलू पवार को भी सूचना दी गई। बबलू पवार ने फोन पर ही परिवार को निर्देश दिए कि वे नागिन पर नजर बनाए रखें और किसी भी तरह से उसे उकसाने की कोशिश न करें।

कुछ ही समय में बबलू पवार मौके पर पहुंचे और उन्होंने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि नागिन फ्रिज के नीचे छिपी हुई थी, जहां तक पहुंचना आसान नहीं था। सावधानी बरतते हुए सबसे पहले फ्रिज को हटाया गया, ताकि सांप को स्पष्ट रूप से देखा जा सके और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके।

करीब कुछ देर की मशक्कत के बाद स्नेक कैचर ने नागिन को काबू में कर लिया। उन्होंने बताया कि पकड़ा गया सांप कोबरा प्रजाति का है, जो बेहद जहरीला होता है। इसकी लंबाई लगभग ढाई फीट थी और यदि समय रहते इसे नहीं पकड़ा जाता, तो यह किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था।

रेस्क्यू के बाद नागिन को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक वातावरण में वापस जा सके। इस पूरी घटना के दौरान यह बात भी सामने आई कि गर्मी के मौसम में सांप अक्सर ठंडी जगहों की तलाश में घरों में घुस आते हैं। फ्रिज, कूलर, पानी के स्रोत और अंधेरी जगहें उन्हें आकर्षित करती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं आम हो सकती हैं, खासकर जब आसपास झाड़-झंखाड़ या खेत हों। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। घर के आसपास साफ-सफाई रखना, दरवाजों और खिड़कियों को ठीक से बंद रखना, और रात के समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना कितना जरूरी होता है। प्रशांत ठाकुर और उनके परिवार की सतर्कता और त्वरित निर्णय ने उनकी बच्ची की जान बचा ली। वहीं, स्नेक कैचर की समय पर पहुंच और कुशलता ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया।

गांव के लोगों ने भी इस घटना के बाद राहत की सांस ली और स्नेक कैचर का आभार व्यक्त किया। साथ ही यह भी महसूस किया कि ऐसे मामलों में प्रशिक्षित लोगों की मदद लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।

कुल मिलाकर, यह घटना एक चेतावनी भी है और एक सीख भी कि प्राकृतिक जीवों के साथ सह-अस्तित्व के इस दौर में हमें अधिक जागरूक और सावधान रहने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *