सागर, 11 जुलाई 2025: सागर के बहेरिया क्षेत्र में बड़े शंकरजी के पीछे स्थित एक मकान में गुरुवार को एक खतरनाक रसेल वाइपर सांप घुसने से हड़कंप मच गया। यह घटना राजकुमार चौबे के घर में उस समय हुई जब उनके बच्चे घर में अकेले थे। बच्चों की सूझबूझ और समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
अलमारी में छिपा था सांप
घटना के समय राजकुमार चौबे की पत्नी बाजार गई हुई थीं और घर में केवल बच्चे मौजूद थे। बच्चों ने जब अलमारी खोली तो उसकी दराज में एक सांप को देखा। घबराए हुए बच्चों ने तुरंत अपनी मां को इसकी सूचना दी। मां ने परिचितों के माध्यम से स्नेक कैचर अकील बाबा को बुलाया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित पकड़ लिया।

रसेल वाइपर: अत्यंत जहरीला सांप
स्नेक कैचर अकील बाबा ने बताया कि पकड़ा गया सांप रसेल वाइपर प्रजाति का है, जो करीब 4 फीट लंबा था। यह सांप अत्यंत जहरीला होता है और इसके काटने से कुछ ही मिनटों में व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है। अकील बाबा ने बताया कि रसेल वाइपर की पहचान इसके विशिष्ट त्रिकोणीय सिर और शरीर पर बने विशिष्ट निशानों से की जा सकती है। यह सांप ज्यादातर बारिश के मौसम में सक्रिय होता है और अक्सर घरों या नम स्थानों पर छिप जाता है।
स्नेक कैचर ने की रेस्क्यू
अकील बाबा ने अपने अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए सांप को सावधानीपूर्वक पकड़ा और उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि इस तरह की घटनाएं बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं, क्योंकि सांप नमी और ठंडी जगहों की तलाश में घरों में घुस आते हैं।
सावधानी बरतने की सलाह
अकील बाबा ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा, “बारिश के मौसम में सांपों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए और अनावश्यक सामान को हटा देना चाहिए, जहां सांप छिप सकते हैं।” उन्होंने यह भी सलाह दी कि अंधेरे में आवागमन के दौरान टॉर्च या उजाले का उपयोग करें और जूते-चप्पल पहनकर चलें। इसके अलावा, घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने से भी सांपों के प्रवेश को रोका जा सकता है।
बच्चों की सूझबूझ की सराहना
स्थानीय लोगों ने बच्चों की त्वरित सूझबूझ की सराहना की, जिन्होंने समय रहते सांप को देखकर सही कदम उठाया। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया कि जागरूकता और समय पर कार्रवाई किसी भी खतरे को टाल सकती है।
प्रशासन से अपील
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि बारिश के मौसम में सांपों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए और स्नेक कैचर की सेवाओं को और सुलभ बनाया जाए। साथ ही, बहेरिया क्षेत्र में साफ-सफाई और नालियों की नियमित सफाई पर ध्यान देने की मांग की गई है, ताकि सांपों के छिपने की जगहों को कम किया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सावधान रहने और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने की सीख दी है।