सागर जिले के वन परिक्षेत्र बंडा में वन विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर अवैध रूप से संग्रहित खैर की लकड़ी जब्त की है। इस दौरान जमीन मालिक ने वन अमले को धमकाया और अभद्रता की, जिसके बाद वन विभाग ने पुलिस की मदद से लकड़ी जब्त कर प्रकरण दर्ज किया है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी विकास सेठ ने बताया कि बंडा क्षेत्र की निहानी बीट में मुखबिर से सूचना मिली थी कि वन कक्ष क्रमांक 317 के पास स्थित निजी भूमि (खसरा क्रमांक 421) में अवैध रूप से खैर की लकड़ी जमा कर रखी गई है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दबिश दी। कार्रवाई के दौरान 67 नग खैर की लकड़ी बरामद हुई, जिसे वन अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया।
जांच में पाया गया कि संबंधित भूमि भारत यादव निवासी निहानी के नाम पर दर्ज है। वन अमला लकड़ी जब्त करने की कार्रवाई कर ही रहा था कि तभी भारत यादव, साकिन निहानी और उनके साथी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वन स्टाफ को धमकाते हुए कहा कि लकड़ी को मौके से नहीं ले जाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने वन कर्मचारियों के साथ अभद्रता की और विवाद की स्थिति पैदा कर दी।

विवाद को देखते हुए वन विभाग के कर्मचारियों ने बंडा पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। वन विभाग ने अवैध रूप से संग्रहित खैर की लकड़ी को जब्त कर डिपो में रखवाया है। साथ ही, इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध रूप से वन संपदा का संग्रहण और व्यापार करना गंभीर अपराध है। इस तरह की कार्रवाई से वन माफिया पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आगे की जांच जारी है।

इस घटना से एक बार फिर वन संपदा की सुरक्षा और अवैध कारोबार पर नियंत्रण की आवश्यकता उजागर हुई है। वन विभाग ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने और मुखबिरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प जताया है।