सागर को ‘पानीदार सागर’ बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल: जल गंगा संवर्धन अभियान का विस्तार और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा ऐलान !

Spread the love

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जल संरक्षण और संवर्धन के लिए शुरू किए गए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत सागर जिले को “पानीदार सागर” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इस अभियान के तहत बीना तहसील के ग्राम हड़कलखाती में एक पुराने तालाब के जीर्णोद्धार कार्यक्रम का भूमिपूजन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल द्वारा किया गया।

डॉ. शुक्ल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पुराने जल स्रोतों—तालाबों, बावड़ियों, नदियों और नालों को पुनर्जीवित करना वक्त की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जल संरक्षण केवल पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए आवश्यक संसाधनों को सुरक्षित रखने का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि “सागर” नाम के अनुरूप इस जिले को जल समृद्ध बनाना हम सबका सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए।

प्रधानमंत्री और सेना को किया नमन

इस अवसर पर डॉ. शुक्ल ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल एयर स्ट्राइक की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना को सलामी देते हुए कहा, “जो भारत को छेड़ेगा, वो छोड़ा नहीं जाएगा।” उन्होंने इसे एक नई सुबह और “गौरवशाली नवप्रभात” करार दिया।

जल संवर्धन की दिशा में ठोस पहल

डॉ. शुक्ल ने कहा कि सागर जिला आज प्रदेश में छठवें स्थान पर है, लेकिन यदि सभी मिलकर प्रयास करें, तो यह जिला जल्द ही पहले स्थान पर आ सकता है। उन्होंने नागरिकों से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज पिट निर्माण, और जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने सागर कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. द्वारा किए गए अभिनव प्रयासों की सराहना की, जिसमें तालाबों की सीमांकन, मुंडेर निर्माण, और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्य शामिल हैं। अभी तक 80 हेक्टेयर से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जा चुका है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा

डॉ. शुक्ल ने कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3000 डॉक्टरों सहित कुल 30,000 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों तक सुचारू रूप से पहुंच सकेंगी। उनका लक्ष्य है कि स्वास्थ्य विभाग को कृषि विभाग जैसी ऊंचाई पर पहुंचाया जाए।

उन्होंने “निरोगी काया अभियान” के तहत सभी पात्र नागरिकों से अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने की अपील भी की।

जल गंगा अभियान को जन आंदोलन बनाए

कार्यक्रम में विधायक निर्मला सप्रे ने जल गंगा अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की बात कही और कहा कि बीना क्षेत्र के प्रत्येक गांव को जल संकट से मुक्त कराना उनका उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि पुराने नदी, नालों, तालाबों को पुनर्जीवित कर जल उपलब्धता बढ़ाई जाएगी।

भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने जन-जागरूकता के माध्यम से जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने की बात कही।

प्रशासन की भूमिका

कलेक्टर संदीप जी.आर. ने बताया कि जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए अतिक्रमण हटाना और सीमांकन के साथ-साथ नवीन खेत तालाब, फ्रूट फॉरेस्ट जैसे नवाचार भी शुरू किए गए हैं, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी बल मिलेगा।

कार्यक्रम की गरिमा

इस कार्यक्रम में डॉ. विनोद पंथी, श्री श्याम तिवारी, श्रीमती लता सकवार, शशि कटोरिया, अमर प्रताप सिंह, गौरव सारोठिया, कलेक्टर संदीप जी.आर., जिला पंचायत सीईओ विवेक के.वी., एएसपी संजीव उईके, एसडीएम विजय डेहरिया सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद थे।


जल गंगा संवर्धन अभियान केवल एक पर्यावरणीय मुहिम नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश को जल सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। सागर जिले की यह पहल आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए मॉडल बन सकती है, बशर्ते इसमें जनता और प्रशासन दोनों की भागीदारी बनी रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !

संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *