मकरोनिया थाना क्षेत्र में एक क्रिकेट गेंद को लेकर दो परिवारों के बीच हुई झड़प ने बड़ा रूप ले लिया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव तक की घटना हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए। मामले को लेकर ब्राह्मण समाज और दूसरे पक्ष ने एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें पुलिस की निष्क्रियता और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए गए।

घटना का क्रम: कैसे बढ़ा विवाद?
- क्रिकेट गेंद से शुरुआत:
- मुन्नालाल जैन के भतीजे और अन्य बच्चे कोरजा निवासी काशीदास दुबे के घर के पास क्रिकेट खेल रहे थे।
- खेल के दौरान गेंद दुबे के मकान की खिड़की से टकराई, जिससे कांच टूट गया।
- काशीदास के बेटे कार्तिक दुबे ने बाहर आकर बच्चों से पूछताछ की, जिस पर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
- हिंसा और पथराव:
- ब्राह्मण समाज का आरोप है कि जैन समाज के 40-50 लोग इकट्ठा होकर दुबे के मकान पर पथराव किए।
- दूसरे पक्ष का कहना है कि कार्तिक दुबे ने पहले गाली दी और उनके लोगों ने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी।
- पुलिस की भूमिका पर सवाल:
- ब्राह्मण समाज ने आरोप लगाया कि थाने में शिकायत दर्ज नहीं हुई, जबकि जैन समाज की एफआईआर तुरंत लिखी गई।
- दूसरे पक्ष ने कहा कि कार्तिक और गीता दुबे के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए।

दोनों पक्षों की मांगें:
- ब्राह्मण समाज:
- पथराव और हिंसा में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।
- 7 दिनों में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
- दूसरा पक्ष (जैन समाज):
- कार्तिक दुबे और गीता दुबे को एफआईआर में शामिल किया जाए।
- निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रशासन की प्रतिक्रिया:
- एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने दोनों पक्षों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
- पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पक्ष असंतुष्ट हैं।
- यह मामला सामुदायिक तनाव का रूप ले सकता है, अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की।
- जांच में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, ताकि दोनों पक्षों को न्याय मिल सके।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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