
गौर जयंती पर डॉ. हरी सिंह गौर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई
सागर में गौर जयंती के पावन अवसर पर तीनबत्ती चौराहा स्थित डॉ. हरी सिंह गौर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विभिन्न गणमान्य नागरिकों, नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आगमन हुआ। इसी कड़ी में युवा भाजपा नेता श्री अबिराज सिंह ने उपस्थित होकर डॉ. हरी सिंह गौर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को नमन किया।
डॉ. हरी सिंह गौर के योगदान को किया स्मरण:
अपने संबोधन में श्री अबिराज सिंह ने कहा कि डॉ. हरी सिंह गौर केवल सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक ही नहीं, बल्कि एक महान शिक्षाविद, समाज सुधारक, और न्यायविद थे। उनकी दूरदर्शिता और समाज के प्रति समर्पण ने शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए।
- उन्होंने सागर विश्वविद्यालय की स्थापना कर इसे मध्य प्रदेश और देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र बनाया।
- डॉ. गौर के जीवन से प्रेरणा लेते हुए हमें भी समाज सेवा और शिक्षा के प्रति अपना योगदान देना चाहिए।

युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा:
श्री अबिराज सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. गौर जैसे महापुरुषों का जीवन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शिक्षा और नैतिकता की दिशा हमें बेहतर नागरिक बनने का मार्ग दिखाती है।
पुष्पांजलि अर्पण के दौरान कार्यक्रम:
कार्यक्रम के दौरान, तीनबत्ती चौराहे पर विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की गईं।
- स्कूली छात्रों ने डॉ. हरी सिंह गौर के जीवन पर भाषण और कविताएं प्रस्तुत कीं।
- स्थानीय नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

गौर जयंती जैसे कार्यक्रम न केवल हमारे महापुरुषों को याद करने का अवसर देते हैं, बल्कि उनकी शिक्षा और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का भी माध्यम हैं। श्री अबिराज सिंह ने डॉ. गौर के प्रति अपना सम्मान व्यक्त कर युवाओं को उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। यह आयोजन क्षेत्र में एकता और प्रेरणा का प्रतीक बना।

इस अवसर पर अनेक भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन के सदस्य, और क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर डॉ. गौर की जयंती को एक उत्सव के रूप में मनाया।