सागर। सागर ग्रामीण दो परियोजना अंतर्गत बडतुमा, परसोरिया और पथरिया जाट सेक्टर में सेक्टर बैठक एवं साथी खिलौने आधारित प्रशिक्षण सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में कुल 68 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और एक सेक्टर सुपरवाइजर ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

सत्र की शुरुआत आंगनवाड़ी केंद्रों पर चल रहे वर्तमान थीम की समीक्षा से हुई। कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए और आगामी थीम के संबंध में चर्चा की। बैठक के दौरान विभिन्न गतिविधियों की मैपिंग भी की गई ताकि आने वाले दिनों में बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं से टीएलएम (Teaching Learning Material) से जुड़े अनुभव साझा करने को कहा गया। उन्हें बताया गया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों के साथ टीएलएम का सही उपयोग किस तरह से बच्चों की सीखने की क्षमता, जिज्ञासा और सृजनशीलता को बढ़ाता है।
सत्र में यह भी चर्चा हुई कि टीएलएम बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किस प्रकार आयु वर्ग के अनुसार बच्चों के साथ टीएलएम का उपयोग किया जा सकता है। कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने केंद्रों पर उपयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के टीएलएम का प्रदर्शन किया और बताया कि ये बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान पीपीटी और वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से घरेलू वस्तुओं और आसपास के उपयोगी सामानों से टीएलएम तैयार करने के कई उदाहरण दिखाए गए। इससे कार्यकर्ताओं को यह समझ आया कि महंगे संसाधनों के बिना भी शिक्षा को सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है।
इसके बाद सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रुप बनाकर टीएलएम तैयार करने का कार्य दिया गया। प्रतिभागियों ने बोतलों के ढक्कन, गत्ते, पुराने खिलौनों और अन्य घरेलू वस्तुओं से आकर्षक शिक्षण सामग्री तैयार की और उसका प्रेजेंटेशन भी किया।
प्रस्तुति के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि थोड़ी रचनात्मकता और संसाधनों के सही उपयोग से बच्चों की शिक्षा को और अधिक दिलचस्प तथा प्रभावी बनाया जा सकता है।
यह प्रशिक्षण न केवल कार्यकर्ताओं के लिए एक उपयोगी सीख का अवसर रहा, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि खेल और खिलौनों के माध्यम से बच्चों का सर्वांगीण विकास किस प्रकार सुनिश्चित किया जा सकता है।