सागर, मध्यप्रदेश: सागर जिले के छानबीला थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक सरकारी स्कूल के पीछे नवजात शिशु का जली अवस्था में शव मिलने से स्थानीय समाज में गहरा सदमा फैल गया। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है बल्कि व्यापक स्तर पर चिंता की लहर भी दौड़ा दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और एक 14 वर्षीय नाबालिग को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जो अभी तक पूछताछ से चुप है।

घटना का विवरण
मंगलवार की सुबह छानबीला थाना क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल के पीछे स्थानीय ग्रामीणों ने एक नवजात शिशु का जली अवस्था में शव पाया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंची और शव की स्थिति की जांच करने लगी। प्राथमिक जांच से पता चला कि नवजात शिशु को प्रसव के बाद जलाया गया था, जिससे इसकी पहचान करना और कारणों का पता लगाना और भी कठिन हो गया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शव की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव की स्थिति का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर शव की पहचान और मृत्यु के कारणों की जांच का आदेश दिया। साथ ही, स्कूल परिसर में मौजूद सुरागों को इकट्ठा किया जा रहा है और संदिग्धों की तलाश में पुलिस गली-गली में रौनक लगा रही है।
14 वर्षीय नाबालिग की गिरफ्तारी और स्थिति
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने लगभग 14 वर्षीय एक नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया और जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में भर्ती कराया। पुलिस का मानना है कि इस नाबालिग का इस घटना से कोई संबंध हो सकता है, हालांकि वह अभी तक किसी भी प्रकार की जानकारी प्रदान करने में असमर्थ है। नाबालिग की मानसिक और शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे चिकित्सीय देखभाल में रखा गया है।

स्कूल परिसर में खोजबीन और साक्ष्य जुटाना
पुलिस टीम ने स्कूल परिसर में विस्तृत खोजबीन शुरू कर दी है। उन्होंने स्कूल स्टॉप और आस-पास के क्षेत्रों में मौजूद लोगों से पूछताछ की है ताकि किसी भी संभावित गवाह या संदिग्ध का पता लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि नवजात शिशु को स्कूल के पीछे जलाने की घटना एक सुनियोजित प्रयास हो सकता है, जिससे इसके पीछे के कारणों और जिम्मेदारों का खुलासा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
स्थानीय समाज की प्रतिक्रिया
इस घटना ने स्थानीय समाज में आतंक और अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने पुलिस की जांच की सराहना की है, लेकिन वे जल्द से जल्द सच्चाई सामने आने की उम्मीद कर रहे हैं। कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
संभावित कारण और जांच के दिशा-निर्देश
पुलिस की टीम मामले के हर पहलू पर जांच कर रही है। प्रारंभिक संकेतों से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात शिशु के जलाने के पीछे क्या कारण हो सकता है। संभावित कारणों में घरेलू कलह, आर्थिक कठिनाइयाँ, या सामाजिक दबाव शामिल हो सकते हैं। पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट और चिकित्सा जांच के आधार पर ही इस घटना की वास्तविकता का पता चल सकेगा।
पुलिस अधिकारियों का बयान
छानबीला थाना प्रभारी श्री मनोज सिंह ने घटना पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
“यह एक बेहद दुखद घटना है। हम सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रहे हैं। हमारी प्राथमिकता है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हम सभी उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों से जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।”
आगे की कार्रवाई और उम्मीदें
पुलिस ने मामले में हर बिंदु पर जांच जारी रखने की पुष्टि की है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, चिकित्सा प्रमाण, और साक्ष्य के आधार पर दोषियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने और समाज में विश्वास बनाए रखने के लिए कदम उठाए हैं। छानबीला थाना क्षेत्र में नवजात शिशु के जलाने की घटना ने सागर जिले में भय और चिंता का माहौल बना दिया है। पुलिस की त्वरित और गंभीर जांच से ही इस मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। स्थानीय समाज की उम्मीद है कि न्याय जल्द से जल्द मिलेगा और ऐसे अमानवीय कृत्यों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।