सागर, 15 सितम्बर 2025
सानौधा थाना क्षेत्र के ग्राम परसोरिया में रविवार शाम घटी एक दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। महज़ ढाई साल का मासूम आयूष लोधी एक तेज रफ्तार थार (एमपी 15 जेडएन 8099) की चपेट में आकर अपनी नन्हीं-सी जिंदगी खो बैठा। गांव की गलियों में अचानक फैली यह चीख-पुकार हर किसी की आंखों में आंसू छोड़ गई।

हादसे की कहानी
फरियादी विजय लोधी ने पुलिस को बताया कि वे अपने नाती आयूष को बिस्किट दिलाने दुकान पर ले जा रहे थे। जैसे ही वे घर के बाहर सड़क किनारे पहुंचे, तभी अचानक तेज रफ्तार और गलत साइड से आ रही थार सीधे आयूष से टकरा गई। छोटा-सा शरीर सड़क पर दूर जा गिरा और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
गंभीर रूप से घायल मासूम को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग इस असमय मौत की खबर सुनकर रो-रोकर बेहाल हो गए।

भीड़ का आक्रोश और पुलिस की कार्रवाई
हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने आरोपी ड्राइवर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। सूचना मिलते ही सानौधा थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
- शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
- थार को जब्त कर लिया गया है।
- आरोपी ड्राइवर अमन जैन, निवासी परसोरिया, को गिरफ्तार कर उस पर मामला दर्ज किया गया है।

मासूम आयूष का अधूरा बचपन
जानकारी के अनुसार, आयूष कुछ दिन पहले ही अपने नाना के घर आया था। परिवार के लोग बता रहे हैं कि उसकी खिलखिलाहट और मासूम मुस्कान ने पूरे घर का माहौल बदल दिया था। लेकिन यह खुशी पलभर में मातम में बदल गई।
गांव में शोक और सवाल
गांव के लोगों ने हादसे को लापरवाही की पराकाष्ठा बताया। ग्रामीणों का कहना है कि
- गांव के अंदर से गुजरने वाले रास्तों पर अक्सर गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ती हैं।
- नियमों की अनदेखी और गलत साइड ड्राइविंग की वजह से हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है।
- मासूम की मौत के बाद अब गांव में सख्ती से ट्रैफिक नियम लागू करने की मांग उठ रही है।

थाना प्रभारी का बयान
थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर ने कहा :
“हादसे में मासूम आयूष की मौत होना बेहद दुखद है। आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वाहन जब्त कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है और दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

गांव परसोरिया का यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज और प्रशासन के सामने भी सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मासूम आयूष की मौत गांव के हर घर में गूंज रही है और यही मांग उठ रही है कि ऐसे हादसे दोबारा न हों।