दिनांक: 02 फरवरी 2026
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
रिपोर्टर – अर्पित सेन
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सागर जिले के खुरई क्षेत्र में स्थित एक सरकारी आदिवासी छात्रावास में 12 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ चार महीने तक लगातार दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने जान से मारने की धमकी देकर पीड़िता का शारीरिक शोषण किया, जिसके कारण वह तीन महीने की गर्भवती हो गई। मामला तब खुला जब पीड़िता को पेट में तेज दर्द हुआ और उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच में गर्भावस्था का पता चला। सागर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

पीड़िता कक्षा 8वीं की छात्रा है और मूल रूप से विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। वह पिछले दो वर्षों से खुरई के सरकारी आदिवासी छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, माता-पिता के कुल सात बच्चे हैं—पांच बहनें और दो भाई। वर्तमान में पीड़िता हमीदिया अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर है।
आरोपी अल्ताफ (35 वर्ष) थोक सब्जी मंडी से ऑटो में सब्जी लेकर दो सरकारी छात्रावासों में सप्लाई का काम करता था। वह पिछले 15 वर्षों से यह काम कर रहा था और अब तक उसके खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई थी। वह आमतौर पर हॉस्टल के गेट पर ही सब्जी रखकर चला जाता था, लेकिन हॉस्टल की अन्य जरूरतों जैसे स्टाफ को लाने-ले जाने के लिए भी उसका ऑटो इस्तेमाल होता था। वह वार्डन और अन्य स्टाफ से परिचित था।
सितंबर 2025 में अल्ताफ पहली बार जबरदस्ती पीड़िता के कमरे में घुसा और दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने जान से मारने की धमकी दी, जिसके कारण डरी-सहमी छात्रा ने किसी को कुछ नहीं बताया। इसके बाद आरोपी को जब भी मौका मिलता, वह सब्जी सप्लाई के बहाने दुष्कर्म दोहराता रहा। यह सिलसिला करीब चार महीने तक चला।

शनिवार को पीड़िता को पेट में तेज दर्द हुआ तो उसने हॉस्टल वार्डन और चौकीदार को बताया। वार्डन ने परिजनों को सूचना दी और वे 1 फरवरी को उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले गए। जांच में तीन महीने की गर्भावस्था का पता चलने पर भोपाल के कोहेफिजा थाने में मामला दर्ज किया गया, जिसे बाद में खुरई थाने ट्रांसफर कर दिया गया।
खुरई टीआई योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और एक टीम भोपाल भेजी गई है ताकि पीड़िता के बयान दर्ज किए जा सकें। मामला POCSO एक्ट और दुष्कर्म की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज है। यह घटना सरकारी छात्रावासों में बालिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे तथ्य सामने आएंगे।