सागर जिले के देवरी में पुलिसकर्मियों पर अधिवक्ता के साथ अभद्रता और मारपीट का आरोप

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सागर जिले के देवरी थाने में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां अधिवक्ता पंकज कुमार सेन ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता, गालीगलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने एसडीओपी कार्यालय पहुंचकर शिकायती आवेदन सौंपा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना 5 सितंबर 2025 की बताई जा रही है।

अधिवक्ता ने लगाए गंभीर आरोप

आवेदन के अनुसार, अधिवक्ता पंकज कुमार सेन अपने पक्षकार की गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए देवरी थाने पहुंचे थे। जब उन्होंने थाने में मौजूद आरक्षक अमित कुर्मी से अपराध की जानकारी मांगी, तो आरक्षक ने कथित तौर पर उन्हें धक्का देकर बाहर जाने को कहा। साथ ही, अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए धमकी दी कि “काला कोट और कानून का ज्ञान करा देंगे।”

मोबाइल छीना, मारपीट का आरोप

अधिवक्ता सेन का कहना है कि जब उन्होंने इस व्यवहार का विरोध किया और अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने की कोशिश की, तो आरक्षक अमित कुर्मी ने उनका मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और अधिवक्ता के हाथ मरोड़कर उन्हें थाने के अंदर ले गए। वहां उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई, गालीगलौज किया गया और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। इस घटना से अधिवक्ता समुदाय में भारी रोष व्याप्त है।

अधिवक्ताओं ने की कार्रवाई की मांग

घटना के बाद अधिवक्ताओं का एक समूह एसडीओपी कार्यालय पहुंचा और शिकायती आवेदन सौंपा। उन्होंने मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुआ है, जिसे जांच का आधार बनाया जाना चाहिए।

एसडीओपी ने दिया जांच का आश्वासन

एसडीओपी शशिकांत सरयाम ने शिकायत प्राप्त करने के बाद मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक कार्रवाई शुरू नहीं हुई है, और अधिवक्ता समुदाय इस मामले को लेकर सतर्क है।

अधिवक्ता समुदाय में रोष

इस घटना ने सागर जिले के अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश पैदा कर दिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि पुलिस का यह व्यवहार न केवल एक व्यक्ति के खिलाफ है, बल्कि पूरे अधिवक्ता समुदाय और कानून के सम्मान को चुनौती देता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आगे विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।

सीसीटीवी फुटेज जांच की कुंजी

अधिवक्ताओं ने जोर देकर कहा है कि थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना का पूरा विवरण दर्ज है, जो इस मामले में सच्चाई को उजागर करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने मांग की है कि फुटेज को सुरक्षित रखा जाए और पारदर्शी तरीके से जांच की जाए।

निष्कर्ष

यह घटना पुलिस और अधिवक्ता समुदाय के बीच तनाव को दर्शाती है। सागर जिले के देवरी में हुई इस कथित घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है। अधिवक्ता समुदाय ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएंगे और न्याय की मांग करेंगे।

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