सागर, 01 मार्च 2025: सागर जिले को एनीमिया मुक्त बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त प्रयास शुरू किया है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशानुसार, जिले के सभी प्राथमिक, मिडिल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रति मंगलवार को बच्चों को आयरन की गोलियां खिलाई जा रही हैं। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और उन्हें एनीमिया से बचाना है।

परीक्षा अवधि में भी स्वास्थ्य का ध्यान
एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत सतत निगरानी की जा रही है, ताकि परीक्षा अवधि के दौरान भी बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहे और उनका मनोबल बना रहे। इसके लिए बच्चों को नियमित रूप से आयरन की गोलियां दी जा रही हैं, ताकि उनमें खून की कमी न हो और वे शत-प्रतिशत परीक्षा में शामिल होकर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
एविडेंस एक्शन इंडिया का सहयोग
एविडेंस एक्शन इंडिया के क्षेत्रीय समन्वयक हुसैन खान ने जिले के मालथौन, बीना, खुरई और राहतगढ़ क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को आयरन की खुराक दिए जाने की प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।

भविष्य की योजना
इस पहल के तहत भविष्य में भी सतत प्रक्रिया जारी रखी जाएगी, ताकि सागर जिले को एनीमिया मुक्त बनाया जा सके। एविडेंस एक्शन इंडिया संस्थान का तकनीकी सहयोग भी इस कार्यक्रम को और प्रभावी बना रहा है।
सहयोग और समन्वय
इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूर्ण सहयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय समुदाय और अभिभावकों को भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा सके।

सागर जिले को एनीमिया मुक्त बनाने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से न केवल बच्चों का स्वास्थ्य सुधरेगा, बल्कि उनकी शैक्षणिक प्रगति भी सुनिश्चित होगी। भविष्य में इसी तरह के सतत प्रयासों से जिले को एनीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।