सागर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने हेतु कलेक्टर संदीप जी.आर. का नवाचार !

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भूमिका:

सागर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत एक अभिनव पहल शुरू की है। कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के नेतृत्व में यह पहल फाउंडेशन फॉर मदर एंड चाइल्ड हेल्थ इंडिया (FMCH) के सहयोग से की जा रही है, जिसका उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर की निगरानी, परामर्श एवं जागरूकता के माध्यम से समग्र पोषण सुधार लाना है।


मुख्य बिंदु:

1. नवाचार की पृष्ठभूमि:

कुपोषण को जड़ से समाप्त करने के लिए कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता से एक नवाचार शुरू किया है। इसके अंतर्गत:

  • बच्चों की ऊंचाई, लंबाई और वजन की मासिक मॉनीटरिंग की जा रही है।
  • गृह भेंट (Home Visit) के माध्यम से बच्चों और उनके अभिभावकों को व्यक्तिगत पोषण परामर्श दिया जा रहा है।
  • पोषण पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

2. कार्य क्षेत्र और क्रियान्वयन:

FMCH के सहयोग से यह नवाचार सागर शहरी 01, सागर शहरी 02, सागर ग्रामीण 01, सागर ग्रामीण 02, जैसीनगर, केसली और बंडा की 495 आंगनबाड़ी केन्द्रों में लागू किया गया है।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने इन सभी परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की।


3. सटीक मापन और पारदर्शिता पर जोर:

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों की सही ऊंचाई, लंबाई और वजन के मापन की शुद्धता सुनिश्चित करें।
  • जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा इस प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जाए।
  • जिन कार्यकर्ताओं ने कुपोषित बच्चों के पारदर्शी चिन्हांकन में उत्कृष्ट कार्य किया है, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।

4. पोषण ट्रैकर और सत्यापन:

कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. ने कहा कि:

  • पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों का आकस्मिक सत्यापन वे स्वयं करेंगे।
  • साथ ही यह सत्यापन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, परियोजना अधिकारी एवं पर्यवेक्षक भी करेंगे।
  • यह सत्यापन पोषण डेटा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगा।

5. स्थानीय खानपान पर आधारित पोषण सुधार:

कलेक्टर ने बुंदेली परंपरागत खानपान का अध्ययन कर उसे आंगनबाड़ी में पूरक पोषण आहार में शामिल करने के निर्देश दिए। इससे:

  • बच्चों को स्थानीय रूप से उपलब्ध, सस्ता और पौष्टिक भोजन मिलेगा।
  • पोषण सुधार अधिक सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य और स्थायी होगा।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस दिशा में विशेष प्रयास करें ताकि हर केंद्र में स्थानीय खाद्य परंपराएं वैज्ञानिक पोषण आधार पर लागू की जा सकें।


उपस्थित प्रमुख अधिकारी:

  • जिला कार्यक्रम अधिकारी: श्री ब्रजेश त्रिपाठी
  • FMCH टीम सदस्य: सुश्री भाग्यदा, सुश्री जैस्मिना, सुश्री स्मिता

सागर जिले में कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. द्वारा आरंभ किया गया यह नवाचार राष्ट्रीय पोषण अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में प्रेरणादायक कदम है। सरकारी तंत्र और गैर-सरकारी संगठनों के समन्वय से मॉडल पोषण प्रणाली की स्थापना हो रही है, जो न केवल सागर बल्कि समूचे मध्यप्रदेश के लिए दृष्टांत बन सकता है।

यह पहल बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने, माताओं को जागरूक करने और आंगनबाड़ी व्यवस्था को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से संचालित करने की दिशा में एक व्यावहारिक और संवेदनशील प्रयास है।


ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !

संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

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