सागर जिले में मेडिकल स्टोर संचालकों की हड़ताल, एकतरफा कार्रवाई के विरोध में जताया आक्रोश !

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छिंदवाड़ा की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, मेडिकल संचालकों ने बताया जांच को ‘दिखावा’

सागर, 8 अक्टूबर 2025 – छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के मामले ने पूरे मध्यप्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना के बाद प्रदेशभर में मेडिकल स्टोरों की जांच तेज हो गई है। इसी कड़ी में सागर जिले में भी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मेडिकल स्टोरों पर आकस्मिक निरीक्षण शुरू किया। जांच के दौरान कुछ दुकानों पर अनियमितताएं मिलने पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई, जिससे मेडिकल स्टोर संचालकों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

कार्रवाई के विरोध में बुधवार को सागर जिले के सभी मेडिकल स्टोर संचालक हड़ताल पर चले गए। मेडिकल दुकानों के शटर बंद रहे और सभी सेवाएं ठप रहीं। संचालकों ने इसे प्रशासन की एकतरफा और बिना सुनवाई की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा हैं, लेकिन बिना समुचित प्रक्रिया के लाइसेंस निरस्त किए जा रहे हैं, जो कि अन्यायपूर्ण है।

देवरी औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि यह कार्रवाई केवल दिखावे की है। छिंदवाड़ा की घटना बेहद दुखद है, लेकिन उस आधार पर पूरे प्रदेश के मेडिकल व्यवसायियों को दोषी ठहराना तर्कसंगत नहीं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें केवल कुछ मेडिकल दुकानों को टारगेट कर रही हैं, जबकि सुधारात्मक कार्रवाई की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

तिवारी ने यह भी जानकारी दी कि डॉक्टर एसोसिएशन ने भी इस हड़ताल को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन एकतरफा कार्रवाई और भय का माहौल बनाना बंद नहीं करता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। संचालकों ने मांग की है कि कोई भी कार्रवाई पूरी जांच, दस्तावेजी प्रक्रिया और व्यापारी की सुनवाई के बाद ही की जाए।

इस बीच, आमजन को इस हड़ताल की वजह से दवाओं की उपलब्धता में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ज़रूरतमंद लोग दवा लेने मेडिकल स्टोर्स पर पहुंचे लेकिन दुकानें बंद देख लौटना पड़ा। कुछ अस्पतालों के बाहर सीमित स्टॉक वाली दुकानें चालू थीं, लेकिन वहां भी लंबी कतारें नजर आईं।

प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि सूत्रों के अनुसार, उच्च अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि लाइसेंस, बिलिंग सिस्टम, एक्सपायरी स्टॉक और बिना फार्मासिस्ट संचालन जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
7806077338, 9109619237

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