सागर जिले के जैसीनगर तहसील में पदस्थ बाबू रमेश आठ्या को लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। यह घटना तब सामने आई जब शिकायतकर्ता हरिराम यादव ने तहसील कार्यालय में अपनी जमीन के नामांतरण आदेश के लिए बाबू से रिश्वत की मांग की शिकायत की थी। बाबू ने हरिराम से कुल 5 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से पहले 1 हजार रुपए वह पहले ही ले चुका था, और 4 हजार रुपए लेने पर लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।

शिकायत और कार्रवाई का विवरण
हरिराम यादव, निवासी सिंगारमुंडी, ने 4 अप्रैल को लोकायुक्त एसपी कार्यालय में लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि वह अपने बेटों के नाम पर जमीन का बंटवारा कराना चाहते थे और इसके नामांतरण के लिए उन्होंने तहसील कार्यालय में आवेदन किया था। जब वह बाबू रमेश आठ्या से मिले, तो उसने बंटवारानामा और नामांतरण आदेश जारी करने के बदले 5 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। बाबू ने पहले 1 हजार रुपए ले लिए थे, जबकि बाकी 4 हजार रुपए की राशि लेने के लिए उसने शिकायतकर्ता से कहा था कि वह मंगलवार को भुगतान कर सकता है।
शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले की जांच की और शिकायत सही पाए जाने के बाद उन्होंने योजना बनाई और हरिराम को 4 हजार रुपए के साथ तहसील कार्यालय भेज दिया। जब बाबू ने रिश्वत की यह राशि ली, तो लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया और गिरफ्तार कर लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त टीम ने बाबू रमेश आठ्या के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और उसे गिरफ्तार कर लिया है। जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, और बाबू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तहसील कार्यालय में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद जैसीनगर तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्यालय में काम कर रहे अन्य कर्मचारी भी इस घटना के बाद सकते में आ गए हैं, क्योंकि यह एक सार्वजनिक अधिकारी द्वारा रिश्वत लेने का मामला है। लोकायुक्त द्वारा की गई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

लोकायुक्त की टीम की कार्रवाई
लोकायुक्त के निरीक्षक केपीएस बैन ने बताया कि बाबू रमेश आठ्या के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश जाएगा और सरकारी अधिकारियों को यह समझ में आएगा कि भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
यह मामला एक उदाहरण है, जो सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी स्तर पर कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदारों को सजा दिलाई जाएगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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