सागर जिले की जैसीनगर तहसील में 27 जनवरी की रात हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित कर दी हैं। भारी नुकसान से नाराज किसानों ने भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन (BKSJU) के बैनर तले तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। वरिष्ठ अधिकारियों के नहीं मिलने पर किसानों ने तहसील के बाबू को अपना मांग पत्र सौंपा।
🔹 किसानों की मुख्य मांगें
- प्रशासन से खराब हुई फसलों का जल्द सर्वे कराने की मांग।
- प्रभावित किसानों को उचित और त्वरित मुआवजा देने की मांग।
- 15 दिनों के भीतर सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करने का अल्टीमेटम।

🔹 प्रभावित क्षेत्र और फसलें
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप सिंह ठाकुर ने बताया कि जैसीनगर तहसील के कई गांवों में फसलें तबाह हो गई हैं। प्रमुख प्रभावित गांव हैं:
- काली पठार
- ढकरई
- करहद
- देवलचोरी
- सेवन ताजपुर
- महुआखेड़ा
- मूड़री
इन इलाकों में चना, मसूर, गेहूं और मटर की फसलें ओलावृष्टि और बारिश से गंभीर नुकसान का शिकार हुई हैं।
🔹 किसानों का आरोप
किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि ओलावृष्टि के बावजूद अभी तक किसी सर्वे दल का गठन नहीं किया गया, जिससे नुकसान का आकलन नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले सोयाबीन और मक्का की फसलें भी खराब हुई थीं, जिनका मुआवजा अब तक नहीं मिला।
🔹 प्रदर्शन और ज्ञापन
किसानों ने तहसील कार्यालय में पहुँचकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुपस्थित रहने के कारण उन्होंने बाबू को ही ज्ञापन सौंपा, जिसमें 15 दिन का समय दिया गया है।
ज्ञापन में यह मांग की गई है कि 15 दिनों के भीतर फसलों के नुकसान का सर्वे कर मुआवजा राशि स्वीकृत की जाए, ताकि किसानों की आर्थिक कठिनाइयों को कम किया जा सके।