सागर: डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीपीईएस पाठ्यक्रम, खेल और शारीरिक शिक्षा में करियर का सुनहरा अवसर

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सागर स्थित डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग में संचालित बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीईएस) पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को शारीरिक शिक्षा और खेल क्षेत्र में करियर बनाने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रहा है। यह कोर्स प्रदेश के विद्यार्थियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसका प्रमाण यह है कि वर्तमान में 40 निर्धारित सीटों के विरुद्ध 50 विद्यार्थी इस कोर्स में अध्ययनरत हैं।

किसी भी संकाय के 12वीं पास विद्यार्थी ले सकते हैं प्रवेश

यह मध्यप्रदेश का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय है जहाँ यूजीसी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत कोई भी विद्यार्थी, चाहे वह किसी भी संकाय (विज्ञान, कला, वाणिज्य आदि) से 12वीं उत्तीर्ण हो, शारीरिक शिक्षा और खेल के स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकता है। यह अवसर उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो खेल क्षेत्र में रुचि रखते हैं और इसी क्षेत्र को अपना करियर बनाना चाहते हैं।

प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ, 30 जून अंतिम तिथि

बीपीईएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.dhsgsu.edu.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। प्रवेश फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 30 जून 2025 निर्धारित की गई है।

प्रवेश परीक्षा में फिटनेस और खेल दक्षता का परीक्षण

प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें दो मुख्य घटक होंगे:

  1. फिटनेस टेस्ट – जिससे विद्यार्थी की शारीरिक क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा।
  2. किसी एक खेल में दक्षता परीक्षण – जिससे यह परखा जाएगा कि विद्यार्थी खेल विशेष में कितना पारंगत है।

इसके साथ ही 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों और खेल क्षेत्र में पूर्व उपलब्धियों के आधार पर बोनस अंक दिए जाएंगे, जिससे प्रतिभाशाली और समर्पित खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिल सके।

जानकारी के लिए सीधा संपर्क

प्रवेश से संबंधित अधिक जानकारी के लिए विद्यार्थी शारीरिक शिक्षा विभाग, अब्दुल गनी खान विश्वविद्यालय स्टेडियम में सीधे संपर्क कर सकते हैं। यहाँ विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम की संरचना और भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाती है।


खेल शिक्षा से उज्ज्वल करियर की राह

बीपीईएस पाठ्यक्रम केवल स्नातक उपाधि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को व्यापक करियर विकल्प प्रदान करता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद विद्यार्थी:

  • शारीरिक शिक्षा में स्नातकोत्तर (एम.पी.एड) और पीएचडी कर सकते हैं।
  • विद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षक, व्याख्याता या खेल अधिकारी के रूप में नियुक्ति प्राप्त कर सकते हैं।
  • राज्य और केंद्र सरकार के खेल विभागों में जिला या क्षेत्रीय खेल अधिकारी जैसे प्रशासनिक पदों पर कार्य कर सकते हैं।
  • सुरक्षा बलों (पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों) में भर्ती के लिए भी पात्र होते हैं।
  • फिटनेस ट्रेनर, हेल्थ क्लब ऑपरेटर, वेलनेस कंसल्टेंट जैसे स्वरोजगार के विकल्प भी उपलब्ध होते हैं।

सैद्धांतिक और प्रायोगिक शिक्षण पर विशेष ध्यान

पाठ्यक्रम में नियमित रूप से सैद्धांतिक और प्रायोगिक कक्षाएं आयोजित की जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों को खेल विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, प्रशिक्षण पद्धतियाँ, खेल मनोविज्ञान और फिटनेस मैनेजमेंट की गहन जानकारी प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने और खेल आयोजनों का संचालन करने का भी अवसर मिलता है, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क की भावना विकसित होती है।


डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय का बीपीईएस पाठ्यक्रम उन युवाओं के लिए एक सशक्त मंच है जो खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। यह न केवल उन्हें एक अकादमिक उपाधि प्रदान करता है, बल्कि उनके सपनों को भी दिशा देता है। इच्छुक विद्यार्थी समय रहते आवेदन करें और इस अवसर का लाभ उठाएं।

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