कार्यालय के सामने तीन घंटे तक धरना, गेट बंद कर रोका गया प्रदर्शनकारियों को, एलिवेटेड कॉरिडोर को बताया “मौत का कॉरिडोर”
सागर।
नगर निगम सागर की कार्यप्रणाली और कथित भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ता और नेता नगर निगम कार्यालय के सामने जुटे, टेंट लगाकर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब तीन घंटे तक चले इस आंदोलन में कांग्रेस नेताओं ने निगमायुक्त से लेकर पूरे निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

ज्ञापन देने से पहले ही बंद हुआ गेट
धरने के दौरान जब कांग्रेस नेता अपनी मांगों को लेकर नगर निगम कार्यालय के अंदर प्रवेश करने लगे तो कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया। इस पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने गेट के बाहर ही जोरदार विरोध शुरू कर दिया।
स्थिति को देखते हुए नगर निगम के उपायुक्त मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लिया। कांग्रेस नेताओं ने इसे जनता की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए कहा कि निगम प्रशासन जनता और जनप्रतिनिधियों दोनों की ही उपेक्षा कर रहा है।
“भाजपा पार्षद भी हो रहे परेशान” – महेश जाटव
शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव ने कहा कि नगर निगम की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि भाजपा के पार्षद भी परेशान हैं। उन्होंने तंज कसा कि जब सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की ही सुनवाई नहीं हो रही, तो विपक्ष की क्या स्थिति होगी, यह आसानी से समझा जा सकता है।
जाटव ने आरोप लगाया कि—
- जनता से चुने गए पार्षदों के लिए बैठने तक की व्यवस्था नहीं है।
- निगम में ठेकेदार बिना काम किए भुगतान ले रहे हैं।
- हर काम में घपलेबाजी और भ्रष्टाचार हो रहा है।
- निगमायुक्त सिर्फ विधायक की सुनते हैं और बाकी सबकी उपेक्षा करते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निगम की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस को मजबूरन बड़े आंदोलन की राह अपनानी होगी।

“एलिवेटेड कॉरिडोर बना मौत का कॉरिडोर”
कांग्रेस नेताओं ने सागर के एलिवेटेड कॉरिडोर की बदहाल स्थिति पर भी सवाल खड़े किए। महेश जाटव ने इसे “मौत का कॉरिडोर” करार देते हुए कहा कि इस सड़क की स्थिति बेहद खराब है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार आंखें मूंदे बैठी है, जबकि आए दिन हादसे हो रहे हैं। यह परियोजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की जीती-जागती मिसाल है।
कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि—
- निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की तत्काल जांच की जाए।
- ठेकेदारों की भूमिका की जांच कर फर्जी भुगतान रोके जाएं।
- पार्षदों और जनता के लिए सुनवाई और सुविधा की व्यवस्था की जाए।
- एलिवेटेड कॉरिडोर और अन्य अधूरे विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे
इस धरने में कांग्रेस नेता मुन्ना चौबे, रामजी दुबे, सिंटू कटारे, राहुल चौबे समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। भीड़ ने बार-बार नारे लगाए— “भ्रष्टाचार बंद करो, जनता से विश्वासघात बंद करो”।