सागर जिले की बण्डा तहसील के ग्राम जमुनिया से एक गंभीर भूमि विवाद का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित परिवार ने न्याय की आस में सागर कलेक्ट्रेट का दरवाजा खटखटाया। बाबूलाल पटैल और रामप्रसाद पटैल हाथों में “सुन लो सरकार” लिखी तख्ती लेकर पहुंचे और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई।
विवाद का विवरण
पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने अंविका प्रसाद मिश्रा से मौजा जमुनिया की खसरा संख्या 348/5, 348/6, 350/1, 349/1 एवं 349/2 में से 1.238 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी, जिस पर उनका वैधानिक कब्जा है। भूमि की मेड़ भी पीड़ितों द्वारा लगाई गई थी।

मामला माननीय व्यवहार न्यायालय में विचाराधीन है, जिसमें प्रकरण क्रमांक 17/2021 के तहत दिनांक 12 मई 2023 को स्थगन आदेश पारित किया गया। बावजूद इसके, पीड़ितों का आरोप है कि मदन यादव, राजकुमार मिश्रा और चंदुकुमार मिश्रा ने मिलकर न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए उनके कब्जे वाली भूमि पर जबरन रेत, ईंट और गिट्टी डालकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया।

पीड़ितों की पीड़ा
पीड़ित परिवार ने कहा कि जब उन्होंने मौके पर जाकर विरोध किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। उनका आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद दबंगों द्वारा खुलेआम निर्माण कार्य करना कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
प्रशासन से गुहार
पीड़ित परिवार ने कलेक्टर महोदय से अनुरोध किया है कि अनावेदकों के अवैध निर्माण पर तत्काल रोक लगाई जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता है, तो उनका संघर्ष लंबा और कठिन हो सकता है।