सागर प्रशासन में कार्य-विभाजन में बदलाव: कलेक्टर संदीप जी.आर. ने जारी किए नए आदेश !

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मध्य प्रदेश के सागर जिले में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संदीप जी.आर. ने अधिकारियों के बीच कार्य-विभाजन में आंशिक संशोधन करते हुए नए आदेश जारी किए हैं। इस कदम को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और कार्यों के त्वरित निष्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रशासनिक सुधार की दिशा में पहल

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के कार्यों को स्पष्ट रूप से विभाजित कर उनकी जिम्मेदारी तय करना है, ताकि कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गति सुनिश्चित हो सके। इस नई व्यवस्था के तहत जिले के प्रमुख अधिकारियों को अलग-अलग विभागों का प्रभार सौंपा गया है।

संयुक्त कलेक्टर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

जारी आदेश के अनुसार, संयुक्त कलेक्टर गगन विशेन को नगर निगम क्षेत्र और नगर दण्डाधिकारी से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही उन्हें सहायक आयुक्त, नजूल अधिकारी तथा स्थापना, शिकायत, समाधान ऑनलाइन और न्यायिक शाखा जैसे महत्वपूर्ण विभागों का प्रभार भी दिया गया है।

यह जिम्मेदारी उन्हें शहर से जुड़े प्रशासनिक और कानूनी कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में सक्षम बनाएगी।

डिप्टी कलेक्टर विजय डेहरिया को राजस्व और मॉनिटरिंग का दायित्व

डिप्टी कलेक्टर विजय डेहरिया को राजस्व, वित्त, नजारत, लोक सेवा गारंटी, सीएम हेल्पलाइन, टीएल (टाइम लिमिट), मॉनिटरिंग और अन्य प्रमुख शाखाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा, उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध निराकरण का दायित्व भी दिया गया है। यह जिम्मेदारी प्रशासन की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने में सहायक होगी।

डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी को सामाजिक विभागों का प्रभार

इसी प्रकार, डिप्टी कलेक्टर रजत सोनी को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, आबकारी, जनसुनवाई, पीसीपीएनडीटी (लिंग चयन रोकथाम कानून), खेल एवं युवा कल्याण सहित कई विभागों का प्रभार सौंपा गया है।

इसके अतिरिक्त, उन्हें जनप्रतिनिधियों से संबंधित पत्राचार और महत्वपूर्ण मामलों के समन्वय की जिम्मेदारी भी दी गई है, जिससे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर संवाद और तालमेल स्थापित हो सके।

समयबद्ध कार्य निष्पादन पर जोर

जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारी अपने-अपने प्रभार वाले विभागों के कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही उन्हें आपसी समन्वय बनाए रखते हुए कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हो और किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही से बचा जा सके।

बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था की ओर कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का स्पष्ट कार्य-विभाजन प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाता है। जब प्रत्येक अधिकारी को अपने कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों की स्पष्ट जानकारी होती है, तो निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होती है और कार्यों में पारदर्शिता आती है।

इसके अलावा, यह व्यवस्था अधिकारियों के बीच समन्वय को भी बढ़ाती है, जिससे जटिल मामलों का समाधान आसानी से हो पाता है।

आमजन को होगा लाभ

इस नए कार्य-विभाजन का सबसे बड़ा लाभ आम जनता को मिलेगा। जब प्रशासनिक कार्य तेज और व्यवस्थित तरीके से होंगे, तो लोगों की समस्याओं का समाधान भी जल्दी होगा। खासकर जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी जैसे विभागों में सुधार से नागरिकों को सीधा फायदा पहुंचेगा।

सागर जिले में कलेक्टर संदीप जी.आर. द्वारा किया गया यह प्रशासनिक बदलाव एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

इस प्रकार, स्पष्ट कार्य-विभाजन और जिम्मेदारियों के निर्धारण से प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा, जिससे अंततः आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

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