सागर: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में सागर में प्रदर्शन !

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सनातन चेतना मंच के तत्वावधान में सागर में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदाय पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ जारी हिंसा और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाना था।

विरोध प्रदर्शन का आयोजन:

विरोध प्रदर्शन दोपहर 2 बजे पीटीसी ग्राउंड में शुरू हुआ। इसमें समाज के विभिन्न प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया और सभा को संबोधित किया। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रही हिंसा और उत्पीड़न के मुद्दे को उजागर करना था। सभा के बाद एक रैली का आयोजन किया गया, जो पीटीसी ग्राउंड से कलेक्टर कार्यालय तक निकली। रैली में शामिल लोग “जय श्रीराम” के नारे लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।

ज्ञापन का प्रस्तुतीकरण:

रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बांग्लादेश में हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदाय के खिलाफ हो रहे अत्याचारों का विरोध किया गया और इन घटनाओं को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया गया। ज्ञापन में यह कहा गया कि बांग्लादेश में हो रही हिंसा से न केवल इन समुदायों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि यह वैश्विक मानवाधिकारों के भी खिलाफ है।

ज्ञापन में प्रमुख बिंदु:

  • मानवाधिकारों का उल्लंघन: ज्ञापन में कहा गया कि बांग्लादेश में 5 अगस्त से जारी हिंसा में बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग निशाना बने हैं। उनकी हत्याएं की जा रही हैं, घर लूटे जा रहे हैं और महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहे हैं।
  • धार्मिक स्थल और सांस्कृतिक स्वतंत्रता का उल्लंघन: बांग्लादेश में हजारों हिंदू, बौद्ध और ईसाई परिवारों को उनके घरों से विस्थापित किया जा चुका है और उनके धार्मिक स्थलों को नष्ट किया जा रहा है। यह बांग्लादेश के संविधान और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है।
  • संख्यात्मक गिरावट: ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बांग्लादेश में 1947 में हिंदू समुदाय की आबादी 22 प्रतिशत थी, जो अब घटकर केवल 7.9 प्रतिशत रह गई है। यह कमी हिंसा और उत्पीड़न का परिणाम है।

भारत सरकार से अपील:

ज्ञापन में भारत सरकार से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू और अन्य समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाने की अपील की, ताकि वहां के अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को रोका जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

प्रदर्शनकारियों के विचार:

सभी वक्ताओं ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताई और बांग्लादेश में हो रही हिंसा को निंदनीय बताया। उनका कहना था कि यह न केवल बांग्लादेश के नागरिकों के लिए, बल्कि वैश्विक मानवता के लिए भी एक बड़ा खतरा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि भारत को अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान उत्साह:

रैली के दौरान “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ प्रदर्शनकारियों का उत्साह चरम पर था। उन्होंने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ अत्याचारों को रोकने की सख्त अपील की।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के विरोध में सागर में आयोजित यह प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण कदम था। यह न केवल बांग्लादेश में हो रही हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का प्रयास था, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों की रक्षा के लिए भी एक मजबूत संदेश था। प्रदर्शनकारियों की ओर से यह अपील की गई कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

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