सागर। मध्य प्रदेश के सागर कृषि उपज मंडी में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब हम्मालों की हड़ताल के चलते खरीदी कार्य पूरी तरह ठप हो गया। कई दिनों से अपनी उपज लेकर मंडी में डटे किसानों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने मंडी के बाहर सड़क पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान मौके से गुजर रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार को किसानों ने रोक लिया और अपनी समस्याएं उनके सामने रखीं।
किसानों का कहना था कि वे पिछले तीन-चार दिनों से भीषण गर्मी में मंडी परिसर में अपनी फसल लेकर बैठे हैं, लेकिन खरीदी शुरू नहीं हो पा रही है। हम्मालों की हड़ताल के कारण मंडी में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। किसानों को न तो उचित जानकारी दी जा रही है और न ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है। ऐसे में उनकी फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि वे सुबह से लेकर देर रात तक मंडी में इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खरीदी बंद होने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई किसानों ने यह भी कहा कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की है और अब यदि समय पर फसल नहीं बिकी, तो आर्थिक संकट गहरा सकता है।

इसी बीच जब जीतू पटवारी वहां से गुजर रहे थे, तो किसानों ने उनकी गाड़ी रोक ली और उन्हें मंडी की स्थिति से अवगत कराया। किसानों की परेशानी सुनने के बाद पटवारी ने मौके पर ही सागर कलेक्टर संदीप जीआर को फोन लगाया और मंडी की अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।
फोन पर बातचीत के दौरान पटवारी ने कलेक्टर से कहा, “कलेक्टर साहब, मैं जीतू पटवारी बोल रहा हूं। मंडी में पिछले कई दिनों से किसान परेशान हैं। क्या आपको इसकी जानकारी नहीं है? यहां किसान भीषण गर्मी में बैठे हैं, लेकिन खरीदी नहीं हो रही है। प्रशासन क्या कर रहा है?” उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि वे स्वयं मंडी पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लें और जल्द से जल्द खरीदी शुरू कराएं।
पटवारी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि शाम 7 बजे तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे दोबारा मंडी पहुंचेंगे और किसानों के साथ आंदोलन करेंगे। उन्होंने फोन मंडी अधिकारी को भी दिया और तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।
किसानों को संबोधित करते हुए पटवारी ने इस मुद्दे को राजनीतिक दलों से ऊपर बताते हुए कहा कि यह लड़ाई किसानों के अधिकार और उनके पेट की है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।
इस दौरान उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें किसानों की आय कई गुना बढ़ने की बात कही गई थी। पटवारी ने किसानों से पूछा कि क्या वास्तव में उनकी आय बढ़ी है? इस पर वहां मौजूद किसानों ने नकारात्मक जवाब दिया।
पटवारी ने कहा कि सरकार किसानों की वास्तविक समस्याओं से दूर है और केवल दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर किसानों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं, जिससे उनकी स्थिति लगातार खराब हो रही है।

इस पूरे घटनाक्रम के चलते मंडी क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सड़क पर चक्काजाम होने से यातायात भी प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खरीदी शुरू नहीं हुई, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि हम्मालों की हड़ताल का समाधान निकालकर तुरंत खरीदी कार्य शुरू कराया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि कृषि क्षेत्र में जमीनी समस्याएं अब भी गंभीर बनी हुई हैं और समय पर समाधान नहीं मिलने पर किसानों का आक्रोश सड़कों पर उतर आता है।