कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देशन एवं अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में राजस्व, कृषि एवं पुलिस विभाग की संयुक्त दल ने पंडापुरा वाघराज वार्ड में स्थित एक खाली मकान में छापामार कार्रवाई कर 60 बोरी डीएपी उर्वरक जब्त किया। कार्रवाई सूचना के आधार पर दिनांक 05/11/2025 को की गई, जहाँ माल भंडारण के कोई वैध दस्तावेज — बिल, लाइसेंस या प्राप्त स्रोत संबंधी कागजात — प्रस्तुत नहीं किए गए।

ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद गौरव साहू ने जांच में बताया कि उक्त उर्वरक सचिन साहू (तहसील यादव कॉलोनी) द्वारा मकान किराए पर लेकर भंडारित किए गए थे और इन्हें बिक्री के उद्देश्य से रखा गया था; जबकि अजय रैकवार भी मामले में सहयोगी के रूप में नामित है। एक किसान पप्पू अहिरवार के बयान में कहा गया कि डीएपी बोरी की कीमत रु. 1,500 प्रति बोरी बताकर विक्रय के लिए लाया गया था।
उर्वरक निरीक्षक सह कृषि विकास अधिकारी शिवकांत सिंह राजपूत ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सैंपल लेकर पंचनामा तैयार किया और जब्त बोरियों को मोतीनगर थाना सुपुर्द करा दिया। लाइसेंस न होने तथा उर्वरक के स्रोत की जानकारी न देना पाए जाने पर सचिन साहू, अजय रैकवार व गौरव साहू के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 व 7 (अवैध भंडारण, कालाबाजारी) तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की धारा 7 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कार्यवाही में अनुविभागीय अधिकारी कृषि अनिल राय, नायब तहसीलदार बहादुर सिंह, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रविन्द्र कुशवाहा, राजस्व निरीक्षक हर्ष साहू, पटवारी विकास चौकसे व आनंद खत्री, तकनीकी सहायक भूपेन्द्र सिंह राजपूत, कृषि विस्तार अधिकारी पी.एन. चतुर्वेदी व कुलदीप क्रिश्चियन तथा पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। उप संचालक कृषि राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और उर्वरक के स्रोत व वितरण नेटवर्क की खोज के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर कार्यालय के निर्देश पर विभागीय टीमें आगे भी निगरानी कर रही हैं और यदि और अवैध भंडारण या कालाबाजारी के प्रमाण मिलते हैं तो उन पर तुरन्त दंडात्मक कार्रवायी की जाएगी। जांच के दौरान उपलब्ध कराए गए सैंपलों की गुणवत्ता व शुद्धता की प्रयोगशाला जाँच के बाद ही आगे की विधिक प्रक्रिया तय की जाएगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल वैध स्रोतों से ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित अधिकारियों को तुरंत दें।