सागर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर संदीप जी.आर. के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर खाद्य सामग्री की जांच की जा रही है। इसी क्रम में अप्रैल माह के दौरान ग्राम सिलारपुर, तहसील देवरी स्थित मुक्ता महिला समूह, गौरझामर का निरीक्षण किया गया, जहां कई अनियमितताएं सामने आईं।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दूध का संग्रहण अस्वस्थकर परिस्थितियों में किया जा रहा था, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसके अलावा वहां कार्यरत सीनियर केमिस्ट तकनीकी रूप से अयोग्य पाए गए, जो गुणवत्ता नियंत्रण की दृष्टि से बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। इन कमियों को देखते हुए संबंधित संस्था के खिलाफ सुधार सूचना जारी की गई है। साथ ही संदेह के आधार पर दूध के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।
इसी अभियान के तहत बीना बारा, देवरी स्थित शांति धारा गौशाला में उत्पादित मूंगफली तेल का भी नमूना गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किया गया। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप हों और आमजन के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो।

वहीं सागर शहर में बिक रही आइसक्रीम की भी जांच की गई। जयकारा सेल्स से वाडीलाल आइसक्रीम तथा नेवी एंटरप्राइजेज से अरुण आइसक्रीम के नमूने लिए गए। इन सभी नमूनों की जांच चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से की गई और आवश्यकतानुसार आगे की जांच के लिए सुरक्षित भी रखा गया है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वहां उपस्थित लोगों और व्यापारियों को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, स्वच्छता बनाए रखने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में जागरूक भी किया। साथ ही आम नागरिकों को भी सलाह दी गई कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि जिले में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।