मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूँ उपार्जन कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशानुसार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर समय पर खरीदी और त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। सागर जिले में भी प्रशासन द्वारा खरीदी केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर किसानों को सुविधा प्रदान की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 7 हजार से अधिक किसानों से 3 लाख 6 हजार 190 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। खास बात यह है कि किसानों को भुगतान में देरी न हो, इसके लिए तेजी से कार्य करते हुए मात्र दो दिनों में ही 6 करोड़ 37 लाख रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित कर दिए गए हैं। यह व्यवस्था किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी से बचाने के उद्देश्य से की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार का इंतजार न करना पड़े। इसके लिए खरीदी केंद्रों पर सुव्यवस्थित प्रबंधन किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि किसानों को सम्मानजनक वातावरण में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी व सुचारु रूप से संचालित हो।

प्रदेश स्तर पर गेहूँ उपार्जन का कार्य चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में 9 अप्रैल से खरीदी शुरू हो चुकी है, जबकि अन्य संभागों में 15 अप्रैल से उपार्जन कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अब तक प्रदेशभर में 1 लाख 90 हजार 261 किसानों द्वारा 85 लाख 12 हजार 830 क्विंटल गेहूँ बेचने के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं।
गेहूँ खरीदी के लिए राज्यभर में 3171 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां कार्यालयीन दिनों में नियमित रूप से खरीदी की जा रही है। इन केंद्रों पर किसानों के लिए बैठने की छायादार व्यवस्था, पेयजल, तौल कांटे, बारदाने, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट और गुणवत्ता परीक्षण उपकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि किसानों को गेहूँ विक्रय के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के साथ राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ खरीदा जा रहा है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण और परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। अब तक 1 लाख 5 हजार 260 क्विंटल गेहूँ का परिवहन भी किया जा चुका है। भंडारण के लिए जूट बारदाने के साथ-साथ पीपी और एचडीपी बैग का उपयोग किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कुल मिलाकर, प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में उठाए गए इन कदमों से गेहूँ उपार्जन प्रक्रिया न केवल तेज और पारदर्शी हुई है, बल्कि किसानों को समय पर भुगतान मिलना भी सुनिश्चित हो रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।