सागर जिले में हर मंगलवार आयोजित होने वाली जनसुनवाई अब केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि आम जनता की जिंदगी बदलने वाली उम्मीद बन गई है। कलेक्टर संदीप जी. आर. के संवेदनशील नेतृत्व में यह प्रक्रिया जन-हितैषी और परिणामकारी साबित हो रही है।


आवास योजना में मिली सफलता
सागर तहसील के ग्राम भौहारी निवासी बबलू रैकवार ने वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पाने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। जनसुनवाई में उनकी बात सुनते ही कलेक्टर ने अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए। बबलू का नाम आवास प्लस सूची में दर्ज कर मौके पर पंजीयन किया गया। जियोटैग उपरांत उनका आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा। बबलू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि कलेक्टर की जनसुनवाई ने उनकी जिंदगी बदल दी।
लकी का आधार पंजीयन, सुरक्षित भविष्य
भगवानगंज क्षेत्र के 6 वर्षीय लकी अहिरवार का आधार कार्ड न बनने के कारण परिवार परेशान था। कलेक्टर ने इसे असाधारण मामला मानकर तत्काल विशेष प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। परिणामस्वरूप लकी का आधार पंजीयन हो गया। लकी के पिता ने कलेक्टर का आभार व्यक्त किया और इसे बच्चे के सुरक्षित भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
निःशुल्क आवेदन टाइपिंग सुविधा
जनसुनवाई में आने वाले लोगों के लिए कलेक्टर ने निःशुल्क आवेदन टाइपिंग की सुविधा शुरू की। अब नागरिकों को आवेदन बनवाने के लिए बाहर खर्च और परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। देवरी के कमलेश अहिरवार और बीना की प्राची प्रजापति समेत हजारों लोग इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं।
दिव्यांगजन की मदद में संवेदनशीलता
जनसुनवाई में दिव्यांगजनों के लिए अलग कक्ष बनाया गया है। कलेक्टर स्वयं दिव्यांग व्यक्तियों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनते हैं। पीली कोठी निवासी 74 वर्षीय रशीद खान को मौके पर व्हीलचेयर प्रदान की गई। रशीद खान ने भावुक होकर कहा कि जनसुनवाई ने उनकी जिंदगी आसान बना दी।
रुका हुआ वेतन मिला मजदूर को
ईंट भट्टे पर कार्यरत बबलू अहिरवार का 14,900 रुपये का वेतन ठेकेदार द्वारा नहीं दिया जा रहा था। जनसुनवाई में उनकी शिकायत सुनते ही अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। ठेकेदार ने वही वेतन भुगतान किया, और बबलू ने प्रशासन का धन्यवाद किया।
कलेक्टर संदीप जी. आर. की इन पहलों ने जनसुनवाई को सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जिले वासियों के लिए आशा और न्याय का प्रतीक बना दिया है। चाहे आवास हो, आधार पंजीयन, दिव्यांगजन की मदद या निःशुल्क आवेदन सुविधा—जनसुनवाई अब प्रशासन और जनता को करीब लाने का माध्यम बन गई है।