सागर में जिला पंचायत सदस्य ज्योति पटेल और जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी के बीच एक गंभीर विवाद सामने आया है। ज्योति पटेल ने आरोप लगाया कि सीईओ उनके क्षेत्र की समस्याओं को सुनने में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें वह दावा करती हैं कि सीईओ ने उनके लिए अपने कार्यालय का दरवाजा बंद कर दिया। यह घटना बुधवार को हुई, जब ज्योति पटेल जिला पंचायत कार्यालय में सीईओ विवेक केवी से मुलाकात करने पहुंची थीं।
विवाद की पृष्ठभूमि :
ज्योति पटेल का आरोप है कि वह पिछले सप्ताह से सीईओ विवेक केवी से अपने क्षेत्र की समस्याओं, खासकर रहली-जूना मार्ग पर हर साल बारिश के मौसम में डूबने वाले पुल के बारे में चर्चा करना चाहती थीं, ताकि वह समय रहते पुल के निर्माण का कार्य पूरा करवा सकें। उन्होंने बताया कि सीईओ से बार-बार मुलाकात की कोशिश की, लेकिन उन्हें मिलने का कोई अवसर नहीं मिला। बुधवार को जब वह सीईओ से मिलने पहुंचीं, तो उन्होंने कहा कि सीईओ ने उनके मुंह पर दरवाजा बंद कर दिया, जिससे उनका आरोप और भी गंभीर हो गया।
ज्योति पटेल का बयान :
ज्योति पटेल ने कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं को सीईओ के सामने रखने के लिए बार-बार अनुरोध किया था, लेकिन सीईओ ने कोई ध्यान नहीं दिया। उनका कहना था कि यह तरीका न केवल उनके लिए अपमानजनक था, बल्कि इससे साफ जाहिर होता है कि जब सीईओ जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुन रहे हैं, तो आम जनता की समस्याएं कैसे हल कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले पुल का काम पूरा करवाने के लिए यह मुलाकात अहम थी, लेकिन सीईओ ने कोई जवाब नहीं दिया।

सीईओ विवेक केवी का पक्ष:
सीईओ विवेक केवी ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि बुधवार को वह जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में व्यस्त थे। बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, उपसंचालक उद्यानिकी, जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामीण आजीविका मिशन आदि मौजूद थे। सीईओ ने बताया कि जब ज्योति पटेल बिना पूर्व सूचना के उनके कार्यालय में पहुंचीं, तो उन्होंने उन्हें शिष्टता से बताया कि वह बैठक में व्यस्त हैं और बाद में उनसे बात करेंगे। सीईओ का कहना था कि इसके बाद ज्योति पटेल गुस्से में आ गईं और कहा कि “आपकी बैठक तो चलती रहती है,” जो कि उनके लिए उचित नहीं था। सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि जब वह बैठक के बाद बाहर निकले और ज्योति पटेल उनके पीछे-पीछे आईं, तो उन्होंने प्यून से दरवाजा बंद करने को कहा था, लेकिन यह आरोप गलत था कि उनके मुंह पर दरवाजा बंद किया गया। सीईओ विवेक केवी ने यह भी कहा कि अगर वीडियो बनाया गया है, तो उसे पूरा प्रकाशित किया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह किस कार्य के लिए आई थीं और उनके द्वारा क्या कहा गया था। उनका कहना था कि जब वह वीडियो बनाती हैं तो पूरा सच सामने आना चाहिए।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया :
इस तकरार को लेकर सागर जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। जिला पंचायत सदस्य ज्योति पटेल के आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक रंग भी ले सकता है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पक्षों से इस पर प्रतिक्रियाएँ आ सकती हैं, क्योंकि यह मुद्दा सीधे तौर पर जनप्रतिनिधि और सरकारी अधिकारियों के बीच के रिश्तों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।