सागर। शहर के बहेरिया क्षेत्र में फोरलेन से सटी जैन तीर्थ तपोवन की पहाड़ी पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया है। ड्रोन से ली गई तस्वीरों में करीब आधा किलोमीटर लंबा हिस्सा क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है, जिससे क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना और हरियाली को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहाड़ी के पीछे की ओर से अस्थायी रास्ते बनाकर दिनभर सैकड़ों ट्रक मुरम भरकर बहेरिया, मकरोनिया और आसपास के इलाकों में परिवहन कर रहे हैं। क्षेत्र, जो कभी हरियाली और शांति के लिए जाना जाता था, अब धूल, गड्ढों और मशीनों के शोर से प्रभावित हो रहा है।
फोरलेन से सटा संवेदनशील क्षेत्र
बताया जा रहा है कि उत्खनन का काम मुख्य सड़क से सीधे दिखाई नहीं देता, बल्कि पीछे की ओर से पहुंच बनाकर किया जा रहा है। इससे प्रशासन की निगरानी से बचने की कोशिश होने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से आसपास की सड़कों की हालत भी खराब हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
पर्यावरण और भू-संतुलन पर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ियों का अंधाधुंध कटाव वर्षा जल के प्राकृतिक प्रवाह को प्रभावित करता है, जिससे भू-क्षरण और जलस्तर में गिरावट जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा जैव विविधता और हरित क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचता है।
नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में यह क्षेत्र पूरी तरह बंजर और असुरक्षित हो सकता है।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
जिला खनिज अधिकारी अनित पंड्या ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों की मांग – तत्काल रोक और सख्ती
स्थानीय रहवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने अवैध उत्खनन पर तुरंत रोक लगाने, मशीनरी और वाहनों की जब्ती तथा दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सागर की प्राकृतिक पहचान को बचाने के लिए प्रशासन को सक्रिय और सतर्क रहना होगा।