मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना, खुरई और मालथौन में शनिवार को शिक्षकों ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने रैलियां निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे और लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
बीना में विधायक को सौंपा ज्ञापन

बीना में कटरा मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में शिक्षक एकत्रित हुए। यहां से अंबेडकर तिराहा और सर्वोदय चौक होते हुए विधायक कार्यालय तक रैली निकाली गई। शिक्षकों ने क्षेत्रीय विधायक निर्मला सप्रे को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह आदेश उनकी वर्षों की सेवा पर सवाल खड़ा करता है।
शिक्षक महेश राय ने इसे विसंगतिपूर्ण बताते हुए आदेश वापस लेने की मांग की।
खुरई में रिटायरमेंट उम्र में परीक्षा का विरोध

खुरई तहसील परिसर में शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन दिया। शिक्षकों का कहना है कि वर्ष 2005 से पहले उनकी नियुक्ति तत्कालीन पंचायत नीतियों के तहत हुई थी।
शिक्षक वीरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि रिटायरमेंट की उम्र में परीक्षा देना न्यायसंगत नहीं है, जबकि उन्हें समय-समय पर विभागीय प्रशिक्षण मिलता रहा है।
मालथौन में रैली निकालकर जताया आक्रोश
मालथौन ब्लॉक में शिक्षकों ने उत्कृष्ट विद्यालय से तहसील कार्यालय तक रैली निकाली। तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षकों ने मांग की कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के संदर्भ में शिक्षकों के पक्ष में पुनर्विचार याचिका दायर करे।
शिक्षकों का कहना है कि यह आदेश उनके बीच मानसिक असुरक्षा पैदा कर रहा है।

18 अप्रैल को भोपाल में बड़ा आंदोलन
शिक्षक नेता देवेंद्र भोजक सहित अन्य पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया, तो 18 अप्रैल को प्रदेशभर के शिक्षक भोपाल में एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे।