सागर जिले की नरयावली विधानसभा क्षेत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण वर्ग की तैयारियां तेज हो गई हैं। रजाखेड़ी स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में इस आवासीय प्रशिक्षण वर्ग की रूपरेखा तय की गई और विभिन्न जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से “अनुशासन और जिम्मेदारी” को प्रशिक्षण का मूल मंत्र बताया गया।
प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य: व्यक्तित्व और विचार निर्माण
बैठक को संबोधित करते हुए नरयावली के विधायक प्रदीप लारिया ने कहा कि यह प्रशिक्षण वर्ग केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं के व्यक्तित्व निर्माण, वैचारिक स्पष्टता और संगठनात्मक मजबूती का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने बताया कि ऐसे आवासीय वर्गों का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति और जिम्मेदारियों से गहराई से परिचित कराना है, ताकि वे भविष्य में बेहतर नेतृत्व कर सकें।

24 घंटे साथ रहकर सीखने का अवसर
प्रशिक्षण वर्ग की खासियत यह है कि इसमें कार्यकर्ता 24 घंटे एक ही स्थान पर रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इस दौरान वे न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त करते हैं, बल्कि व्यवहारिक जीवन में अनुशासन, समय प्रबंधन और सामूहिक कार्य करने की क्षमता भी विकसित करते हैं।
ऐसे वातावरण में कार्यकर्ताओं के बीच आपसी सहयोग, आत्मीयता और टीम भावना मजबूत होती है, जो किसी भी संगठन की सफलता के लिए आवश्यक होती है।
पांच मंडलों में होंगे आवासीय वर्ग
विधायक लारिया ने बताया कि नरयावली विधानसभा के अंतर्गत आने वाले पांचों मंडलों—मकरोनिया नगर और सागर ग्रामीण सहित—में अलग-अलग प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे।
इन वर्गों के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है, जिसमें प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन
बैठक में मंडल अध्यक्षों और पदाधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा कर कार्यों का विभाजन किया गया। इसमें प्रमुख रूप से निम्न जिम्मेदारियां शामिल हैं:
- आवास व्यवस्था
- भोजन प्रबंधन
- सत्र संचालन
- वक्ताओं का समन्वय
- कार्यक्रम की समयबद्धता
प्रत्येक प्रभारी को उसकी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से सौंप दी गई है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

अनुशासन और समयबद्धता पर विशेष जोर
विधायक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशिक्षण वर्ग पूरी तरह अनुशासित और समयबद्ध तरीके से आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती का आधार अनुशासन होता है, इसलिए हर कार्यकर्ता को इसका पालन करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि समय का सही उपयोग और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्य करना ही एक सफल आयोजन की पहचान होती है।
वैचारिक शुद्धि और नेतृत्व विकास
प्रशिक्षण वर्ग को “वैचारिक शुद्धि की पाठशाला” बताते हुए विधायक लारिया ने कहा कि यह मंच कार्यकर्ताओं को सही दिशा देने का काम करता है।
यहां कार्यकर्ता न केवल संगठन की विचारधारा को समझते हैं, बल्कि अपने भीतर नेतृत्व के गुण भी विकसित करते हैं। इससे वे समाज और संगठन दोनों के लिए प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
संगठन को मिलेगा प्रशिक्षित और ऊर्जावान कार्यकर्ता
विधायक ने उम्मीद जताई कि इन प्रशिक्षण वर्गों के माध्यम से संगठन को नए, ऊर्जावान और प्रशिक्षित कार्यकर्ता मिलेंगे, जो भविष्य में विभिन्न जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकेंगे।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करें, ताकि यह आयोजन सफल हो सके।
नरयावली विधानसभा में आयोजित होने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अनुशासन, जिम्मेदारी और सामूहिकता के मूल्यों पर आधारित यह पहल कार्यकर्ताओं के व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा देने का कार्य करेगी।