सागर: जिले में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा लगातार यात्री बसों, स्कूल बसों और अवैध रूप से संचालित वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। इसी क्रम में शहर में की गई विशेष जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर पांच यात्री बसों को जब्त करते हुए 25 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
परिवहन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई में तीन सामान्य श्रेणी की यात्री बसें और दो स्लीपर कोच बसें शामिल हैं। जांच के दौरान पाया गया कि इन बसों में अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी गेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं थीं। एक यात्री बस में आग या आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए दूसरा निर्गम द्वार नहीं पाया गया, जिसके चलते उस वाहन की फिटनेस निरस्त कर दी गई। वहीं एक अन्य बस बिना वैध परमिट के संचालित होती मिली।

जांच के दौरान एक बस में पीछे की ओर कांच पर लोहे की जाली लगी पाई गई, जिसे तत्काल हटवाया गया। इसके साथ ही उस बस में निर्धारित मानक और क्षमता के अग्निशमन यंत्र भी नहीं मिले। दो स्लीपर कोच बसों में चार इमरजेंसी गेट नहीं होने और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी पाए जाने पर उन्हें भी जब्त कर लिया गया। सभी जब्त बसों को परिवहन विभाग के कार्यालय परिसर में खड़ा कराया गया है।
इसके अतिरिक्त एक यात्री बस में इमरजेंसी गेट के सामने सीटें लगी हुई थीं, जिन्हें मौके पर ही निकलवाकर जब्त किया गया। परिवहन अधिकारी ने बताया कि 13 जनवरी को सभी स्लीपर कोच बस संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें उन्हें एआईएस-119 मानकों के अनुरूप आवश्यक सुधार करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों का पालन न करने पर यह कार्रवाई की गई है।

स्लीपर कोच यात्री बसों में अनिवार्य व्यवस्थाएं
- आगम और निर्गम के लिए अलग-अलग दो दरवाजे होना अनिवार्य
- चार इमरजेंसी एग्जिट:
- एक ड्राइवर साइड पीछे
- एक बस के पीछे बीच में
- दो छत पर आगे और पीछे
- 10-10 किलोग्राम के दो अग्निशमन यंत्र, आगे और पीछे की ओर
- किसी भी बस में ड्राइवर पार्टीशन डोर नहीं होगा
- स्लीपर बर्थ पर स्लाइडर प्रतिबंधित, केवल आसानी से खुलने वाले पर्दे मान्य
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और मानकों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।