सागर, 08 सितंबर 2025।
“खेल में जीतते हैं, सीखते हैं लेकिन हारते नहीं, खेलते रहिए और आगे बढ़ते रहिए।” यही संदेश कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने पांच दिवसीय 69वीं राज्य स्तरीय ताइक्वांडो शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित खिलाड़ियों और अधिकारियों को दिया।
इस अवसर पर संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, श्री मृत्युंजय कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन के साथ-साथ सागर संभाग और अन्य संभागों से आए खिलाड़ी, जोनल मैनेजर और स्थानीय अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर का संदेश: खेल का असली उद्देश्य समझें
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने कहा कि खेल में केवल जीत या हार मायने नहीं रखती, बल्कि खेल की भावना, ईमानदारी और लगातार प्रयास ही महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा:
- किसी भी खेल में कोई हारता नहीं, बस कुछ कमी के कारण पीछे रह जाता है।
- लगातार प्रयास करने वाले खिलाड़ी हमेशा सफलता की ओर बढ़ते हैं।
- खेल का महत्व सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य में नहीं, बल्कि सफलता, आत्मविश्वास और जीवन की हर चुनौती को पार करने की क्षमता में भी है।
कलेक्टर ने सभी खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल के साथ अध्ययन भी जरूरी है।

संयुक्त संचालक का संदेश: पढ़ाई के साथ खेलना भी जरूरी
संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, श्री मृत्युंजय कुमार ने कहा कि पहले की कहावत थी “पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब और खेलोगे कूंदोगे तो होगे बर्बाद”, लेकिन अब यह बदली है।
- आज की कहावत है: पढ़ाई के साथ खेलोगे-कूदोगे, तो बनोगे नवाब।
- उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित किया कि खेल में हमेशा “दुनिया में मुझसे आगे कोई नहीं” की भावना रखें और आगे बढ़ते रहें।

जिला शिक्षा अधिकारी का स्वागत और प्रतियोगिता का विवरण
जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद जैन ने स्वागत भाषण में बताया कि प्रतियोगिता 08 सितंबर से 12 सितंबर 2025 तक चलेगी।
- इस प्रतियोगिता में बालक/बालिका 14 और 17 वर्ष के खिलाड़ी भाग लेंगे।
- लगभग 375 से अधिक प्रतियोगी सागर, भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, नर्मदापुरम और जनजातीय कार्य विभाग के विभिन्न संभागों से शामिल हुए।

प्रतियोगिता का शुभारंभ और शपथ
कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया और सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों को खेल भावना, अनुशासन और ईमानदारी की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर सहायक संचालक श्रीमती उषा जैन, श्री अभय श्रीवास्तव, श्रीमती कल्पना शर्मा, श्रीमती संध्या गौतम, श्री मनोज तिवारी, श्री शैलेंद्र जैन, श्री अखिलेश मिश्रा, श्री रविंद्र खटोल सहित अन्य अधिकारी और संभागों से जनरल मैनेजर उपस्थित थे।

प्रतियोगिता का महत्व
- राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं का प्रतिभा और आत्मविश्वास विकसित होता है।
- ताइक्वांडो जैसे खेल शारीरिक फिटनेस, मानसिक अनुशासन और आत्म-सुरक्षा की क्षमता बढ़ाते हैं।
- प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं में खेल भावना, टीम वर्क और अनुशासन का विकास होता है।