सागर।
सागर जिले के केसली थाना क्षेत्र में फर्नीचर दुकान में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। थाना प्रभारी हरिराम मानकर की टीम ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से चोरी का सामान नाले किनारे फेंक दिया था, जिसे पुलिस ने उनकी निशानदेही पर बरामद कर लिया।

फरियादी ने दी थी रिपोर्ट
फरियादी महेंद्र तिवारी निवासी जरुआ ने पुलिस को बताया कि उनकी फर्नीचर की दुकान 25 अगस्त से बंद थी। 6 सितंबर को जब उन्होंने दुकान खोली तो अंदर रखा लकड़ी का पलंग, सोफा सेट, आरी, निहानी, बसूला, ड्रिल मशीन, हैंड कटर और मोटर गायब थे। चोरी की शिकायत पर केसली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
छत तोड़कर की थी वारदात
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 6 सितंबर की रात दुकान की छत से अंदर घुसकर चोरी को अंजाम दिया था। दबिश बढ़ने पर घबराए चोरों ने चोरी का सामान भटुआ सैर नाले किनारे फेंक दिया। पुलिस ने मौके से सामान जब्त कर लिया है।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
पुलिस को जांच में कुछ नाम संदिग्धों के रूप में सामने आए।
- इसके बाद पुतर्रा पुल के पास दबिश देकर पुलिस ने प्रताप भदौरिया और दो नाबालिगों को पकड़ा।
- इसी दौरान बाबू उर्फ गौतम गौड़ को पुतर्रा तिराहा से गिरफ्तार किया गया।
- पूछताछ में चारों ने अपराध कबूल कर लिया।
आरोपियों को भेजा गया जेल
- पुलिस ने प्रताप भदौरिया और बाबू उर्फ गौतम गौड़ को कोर्ट में पेश कर उपजेल रहली भेज दिया।
- जबकि दोनों नाबालिगों को बाल संप्रेक्षण गृह सागर भेजा गया है।
इलाके में चोरी की वारदातों पर रोक लगाने की चुनौती
इस खुलासे के बाद पुलिस को बड़ी राहत मिली है, लेकिन यह भी साफ हो गया है कि चोरी की वारदातों में नाबालिगों की संलिप्तता बढ़ रही है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपियों का कोई संगठित गिरोह से संबंध तो नहीं है।