सागर में फिर शुरू हुआ बारिश का दौर: मौसम सिस्टम सक्रिय, 28 दिनों में 217 मिमी बारिश की जरूरत

Spread the love

सागर, मध्य प्रदेश: सागर जिले में एक बार फिर मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से बारिश का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को शहर के साथ-साथ देवरी, रहली, गढ़ाकोटा और अन्य क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में जिले के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। इस बीच, जिले में इस मानसून सीजन में अब तक 1013.3 मिमी (39.9 इंच) बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत का 82.3% है।

मौसम और तापमान का हाल

मंगलवार को सागर में अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से में दो मानसूनी ट्रफ सक्रिय हैं, जिसके प्रभाव से सागर सहित कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार से इन सिस्टमों का असर और बढ़ा है, जिसके चलते आगामी कुछ दिनों तक बारिश की संभावना बनी रहेगी।

बारिश का आंकड़ा: इस साल बनाम पिछले साल

सागर जिले में इस मानसून सीजन (1 जून से 2 सितंबर 2025 तक) में अब तक 1013.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो जिले की सामान्य औसत बारिश 1230.5 मिमी का 82.3% है। पिछले साल इसी अवधि तक 1034 मिमी (40.7 इंच) बारिश हो चुकी थी, यानी इस साल बारिश में 2% की कमी देखी गई है।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश का वितरण असमान रहा है:

  • देवरी: सबसे अधिक 1341.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।
  • सागर शहर: 858 मिमी बारिश हुई, जो पिछले साल के 1251 मिमी की तुलना में काफी कम है।

बाकी सीजन में चुनौती

मानसून सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है, और अब इसमें केवल 28 दिन शेष हैं। सागर जिले को अपनी सामान्य औसत बारिश (1230.5 मिमी) का कोटा पूरा करने के लिए अभी 217.2 मिमी बारिश की जरूरत है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन यह कोटा पूरा होगा या नहीं, यह मौसम सिस्टम की तीव्रता पर निर्भर करेगा।

बारिश का असर और जनजीवन

लगातार बारिश के कारण जिले में उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। खेती-किसानी के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो रही है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां खरीफ फसलों की बुआई हो चुकी है। हालांकि, सागर शहर में कम बारिश के कारण कुछ इलाकों में जल संकट की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा, निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी देखने को मिल रही है, जिससे स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *