सागर जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिनभर बादलों की आवाजाही के बाद रात होते-होते तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया। शहर में जहां मूसलाधार बारिश हुई, वहीं ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते एक बार फिर मौसम में ठंडक महसूस की जाने लगी है।
मंगलवार को दिन के समय सागर में बादल छाए रहे, लेकिन इसके बावजूद वातावरण में ठंड का असर कम दिखाई दिया। इसी कारण दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस दिन सागर का अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि, देर रात मौसम ने अचानक रुख बदला। रात करीब 11 बजे तेज हवाएं चलने लगीं और इसके साथ ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ ही देर में शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा। बारिश के कारण हवाओं में ठंडक घुल गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।

ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। देवलचौरी क्षेत्र में चना और बेर के आकार के ओले गिरे, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा बीना, खुरई, गौरझामर सहित अन्य थाना क्षेत्रों में भी बारिश दर्ज की गई। रात करीब पौने एक बजे सागर शहर में गरज-चमक के साथ बारिश हुई और कुछ इलाकों में ओले भी गिरे।
मौसम विभाग ने बताया कि हरियाणा और उसके आसपास सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा उससे गुजर रही ट्रफ के कारण प्रदेश में यह मौसम प्रणाली बनी हुई है। इसी के प्रभाव से सागर सहित आसपास के जिलों में बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिली है। विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 30 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर दो से तीन दिन बाद मध्यप्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते फरवरी की शुरुआत में भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
बारिश और सर्द हवाओं के प्रभाव से आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में गिरावट आने का अनुमान है। मौसम में बदलाव से जहां लोगों को ठंड का अहसास फिर से होने लगा है, वहीं किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां ओलावृष्टि हुई है