सागर में बाबा साहेब की प्रतिमाएं तोड़े जाने पर अधिवक्ताओं का आक्रोश, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन !

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सागर जिले में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को लगातार क्षतिग्रस्त किए जाने की घटनाओं को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इसी कड़ी में जिले के बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को तोड़ने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन इन घटनाओं पर अंकुश लगाने में पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि समाज की भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंचा रही हैं।

बीते दिनों की घटनाओं का उल्लेख

अधिवक्ताओं ने हाल की घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि 27-28 दिसंबर की दरम्यानी रात मालथौन क्षेत्र के ग्राम मड़ैया माफी में बाबा साहेब की प्रतिमा को तोड़ा गया। इसके पहले 4 अक्टूबर को नगर परिषद बांदरी सहित सुरखी क्षेत्र में भी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं को खंडित किया गया था। अधिवक्ताओं का आरोप है कि इन मामलों में अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने सभी घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक आरोपियों पर सख्ती नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।

सीसीटीवी और स्थायी पुलिस निगरानी की मांग

अधिवक्ताओं ने यह भी मांग उठाई कि जिले में जहां-जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और स्थायी पुलिस निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

इस दौरान पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी, जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे ‘अन्नी’, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कोठारी, रामदास राज सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर बाबा साहेब के सम्मान की रक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

सागर जिले में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाए जाने की लगातार हो रही घटनाओं को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

पुलिस-प्रशासन पर नाकामी का आरोप

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को तोड़ने और क्षतिग्रस्त करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन इन्हें रोकने में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं से सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंच रही है, फिर भी दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

हालिया घटनाओं का दिया हवाला

अधिवक्ताओं ने बताया कि 27-28 दिसंबर की दरम्यानी रात मालथौन के ग्राम मड़ैया माफी में बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना सामने आई। इसके अलावा 4 अक्टूबर को नगर परिषद बांदरी और सुरखी क्षेत्र में भी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं को खंडित किया गया था। अधिवक्ताओं का कहना है कि इन मामलों में अब तक जिम्मेदार आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने सभी घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक सख्त कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना संभव नहीं होगा।

प्रतिमा स्थलों पर सीसीटीवी और पुलिस निगरानी की मांग

अधिवक्ताओं ने यह भी मांग रखी कि जिले में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की सभी प्रतिमा स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और स्थायी पुलिस निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस दौरान पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी, जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष अंकलेश्वर दुबे ‘अन्नी’, वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कोठारी, रामदास राज सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में बाबा साहेब के सम्मान की रक्षा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

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