सागर जिले में मोतीनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली खंभों से तार चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह में उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी दो युवक और एक नाबालिग शामिल हैं। चोरी की यह वारदातें सुनियोजित तरीके से की जा रही थीं और तारों को इकट्ठा कर दिल्ली भेजा जाता था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में बिजली तार और एक स्कूटी जब्त की है।

घटना की शुरुआत और FIR का विवरण:
7 मई 2025 को चन्द्रभूषण साहू, निवासी दीनदयाल नगर, मकरोनिया, ने मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 27 अप्रैल की सुबह करीब 8 बजे भापेल बिजली कंपनी के स्टाफ प्रताप अहिरवार ने सूचना दी कि 33 केवी सिहोरा लाइन के 3-4 खंभों से कीमती तार चोरी हो गए हैं। करीब 10 नंबर पोल को तोड़कर तारों की चोरी की गई थी, जिससे बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। कुल नुकसान करीब 2 लाख रुपए आंका गया।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी:
शिकायत मिलने के बाद मोतीनगर पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर जांच शुरू की। संदिग्धों की तलाश के लिए अलग-अलग टीम बनाई गईं। शुक्रवारी-शनिचरी क्षेत्र में पुलिस को कुछ संदिग्धों की गतिविधियों की सूचना मिली। इसके बाद मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया:
- मोहम्मद अजीम पिता मोहम्मद रईस (उम्र 27), निवासी जाकिर हुसैन कॉलोनी, मेरठ (उ.प्र.)
- अनस पिता मोहम्मद नफीस (उम्र 23), निवासी जाकिर हुसैन कॉलोनी, मेरठ (उ.प्र.)
- एक 17 वर्षीय नाबालिग, जिसकी पहचान गोपनीय रखी गई है।

पूछताछ में बड़ा खुलासा:
थाने में पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने तार चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि वे मेरठ से सागर आकर किराए के कमरे में रह रहे थे और योजनाबद्ध तरीके से बिजली के खंभों से कीमती तार चुराते थे। इसके अलावा, वे स्थानीय कबाड़ियों से भी चोरी का तार खरीदते थे और एकत्रित माल को दिल्ली भेजते थे।
जब्ती और साक्ष्य:
मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से:
- बिजली तार के 15 बंडल, जिसकी कीमत लगभग 1.50 लाख रुपए आंकी गई,
- वारदात में प्रयुक्त एक स्कूटी जब्त की गई है।
गिरोह का तरीका और संभावित नेटवर्क:
इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद योजनाबद्ध थी। वे पहले क्षेत्र की रेकी करते, फिर रात के समय बिजली के खंभों से तारों को काटते और उसे स्कूटी से ले जाते। चोरी के तारों को या तो सीधे बेचते या दिल्ली जैसे बड़े बाजारों में भेजते थे। यह भी आशंका है कि चोरी के तार खरीदने में शहर के कुछ कबाड़ी भी शामिल हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है।

सागर जिले में बिजली खंभों से तार चोरी की घटनाओं ने न केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित किया, बल्कि लाखों का आर्थिक नुकसान भी पहुंचाया। मोतीनगर पुलिस की सक्रियता और सूचना तंत्र की सजगता से इन आरोपियों को पकड़ना संभव हो पाया। हालांकि, अब पुलिस की अगली चुनौती इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को उजागर करने और उनसे जुड़े कबाड़ियों तथा रिसीविंग एजेंटों को पकड़ने की है।
सुझाव:
- बिजली विभाग को खंभों की निगरानी के लिए सीसीटीवी या सेंसर आधारित अलार्म सिस्टम लगाने चाहिए।
- संदिग्ध कबाड़ी व्यवसायों की थानों से समय-समय पर जांच की जानी चाहिए।
- आम जनता को भी अज्ञात व्यक्तियों की गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने के लिए जागरूक किया जाए।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता – अर्पित सेन
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