सागर जिले के अंबेडकर वार्ड में स्थित मंगलगिरी पहाड़ी को शहर के दूसरे सिटी फॉरेस्ट और ऑक्सीजन पार्क के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर कार्य शुरू हो गया है। इस परियोजना का निरीक्षण विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार और वन मंडल अधिकारी चंद्रशेखर सिंह के साथ किया। यह पहल नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य सागर शहर में वायु प्रदूषण को कम करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। मंगलगिरी पहाड़ी के 60 हेक्टेयर क्षेत्र को एक ऑक्सीजन बैंक के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें व्यापक पौधारोपण, जल संरक्षण, और पर्यावरणीय सुविधाओं का विकास शामिल है। यह परियोजना न केवल सागर के पर्यावरण को बेहतर बनाएगी, बल्कि शहरवासियों के लिए एक हरित और स्वस्थ स्थान भी प्रदान करेगी।

निरीक्षण और योजना का विवरण
विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने मंगलगिरी पहाड़ी का दौरा कर इसके विकास की संभावनाओं का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, वन मंडल अधिकारी चंद्रशेखर सिंह, स्थानीय पार्षद विशाल खटीक, प्रणव कंहौआ, रेंजर रवि सिंह भदोरिया, और स्थानीय निवासी उपस्थित थे। इस परियोजना के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. पौधारोपण
- क्षेत्र: मंगलगिरी पहाड़ी का लगभग 60 हेक्टेयर क्षेत्र, जो वन विभाग के अधीन है, इस परियोजना के लिए चयनित किया गया है।
- वृक्षों का प्रकार: पीपल, नीम, बरगद जैसे छायादार और ऑक्सीजन उत्पादन में सहायक वृक्षों के साथ-साथ फलदार वृक्ष लगाए जाएंगे। ये पेड़ न केवल वायु प्रदूषण को कम करेंगे, बल्कि स्थानीय जैव-विविधता को भी बढ़ाएंगे।
- उद्देश्य: यह क्षेत्र एक ऑक्सीजन बैंक के रूप में कार्य करेगा, जो शहर की वायु गुणवत्ता को सुधारने में मदद करेगा।
2. जल संरक्षण
- बांध निर्माण: पहाड़ी की ऊंचाई पर 2-3 स्थानों पर छोटे बांध बनाए जाएंगे, ताकि पौधारोपण के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
- सतत जल प्रबंधन: इन बांधों से वर्षा जल संग्रहण को बढ़ावा मिलेगा, जो पौधों की सिंचाई और क्षेत्र की हरियाली को बनाए रखने में सहायक होगा।
3. पक्षीघर (बर्ड हाउस)
- विधायक जैन ने बताया कि मंगलगिरी पहाड़ी पर मध्य प्रदेश का पहला पक्षीघर (बर्ड हाउस) पहले ही स्थापित किया जा चुका है। यह पक्षियों के संरक्षण और जैव-विविधता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
- इस पक्षीघर को सिटी फॉरेस्ट का हिस्सा बनाकर और विस्तारित किया जाएगा, ताकि यह क्षेत्र पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने।
4. नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP)
- यह परियोजना NCAP के तहत शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य भारत के शहरों में वायु प्रदूषण को 20-30% तक कम करना है।
- सागर में मंगलगिरी पहाड़ी को ऑक्सीजन पार्क के रूप में विकसित करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को बेहतर बनाएगा।

विधायक शैलेंद्र जैन का बयान
निरीक्षण के दौरान विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा, “हमारे लिए खुशी की बात है कि मध्य प्रदेश का पहला पक्षीघर मंगलगिरी पहाड़ी पर बनाया गया है। हम इस पहाड़ी को शहर के दूसरे सिटी फॉरेस्ट के रूप में विकसित करने जा रहे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि शहर के मध्य में इतना बड़ा क्षेत्र उपलब्ध होना सागरवासियों के लिए एक वरदान है, जिसे ऑक्सीजन बैंक के रूप में उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा, “करोना काल के समय हमें जिस तरह से ऑक्सीजन की आवश्यकता महसूस हुई, अब शहर के आसपास इस तरह के स्थान विकसित करना बहुत आवश्यक है। यह हमारे लिए वरदान है और हम शहरवासियों को एक अच्छी सौगात देने का प्रयास करेंगे।”

परियोजना का महत्व
मंगलगिरी पहाड़ी पर सिटी फॉरेस्ट और ऑक्सीजन पार्क का विकास सागर के पर्यावरण और सामुदायिक स्वास्थ्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- वायु गुणवत्ता में सुधार: व्यापक पौधारोपण और ऑक्सीजन पार्क के विकास से सागर की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, जो NCAP के लक्ष्यों के अनुरूप है।
- जैव-विविधता संरक्षण: पीपल, नीम, बरगद, और फलदार वृक्षों के साथ-साथ पक्षीघर का विस्तार स्थानीय वनस्पति और जीव-जंतुओं को संरक्षण प्रदान करेगा।
- पर्यावरण जागरूकता: यह परियोजना शहरवासियों, विशेष रूप से युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी।
- स्वास्थ्य और मनोरंजन: सिटी फॉरेस्ट शहरवासियों के लिए एक हरित मनोरंजन स्थल के रूप में कार्य करेगा, जहां वे प्रकृति के बीच समय बिता सकेंगे।
- कोविड-19 से सबक: महामारी के दौरान ऑक्सीजन की कमी ने हरित क्षेत्रों की महत्ता को उजागर किया। यह परियोजना भविष्य में ऐसी परिस्थितियों के लिए शहर को तैयार करेगी।
सागर में स्मार्ट सिटी मिशन और पर्यावरणीय प्रयास
सागर शहर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चुने गए 100 भारतीय शहरों में शामिल किया गया है। मंगलगिरी पहाड़ी पर सिटी फॉरेस्ट का विकास इस मिशन के पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप है। सागर, जो मध्य प्रदेश का छठा सबसे बड़ा शहर है और विंध्य पर्वतमाला पर 1,758 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। मंगलगिरी पहाड़ी का यह प्रोजेक्ट शहर की हरित विरासत को और समृद्ध करेगा।

कार्ययोजना और भविष्य की दिशा
मंगलगिरी पहाड़ी पर सिटी फॉरेस्ट और ऑक्सीजन पार्क के विकास के लिए निम्नलिखित कार्ययोजना प्रस्तावित है:
- पौधारोपण अभियान: स्थानीय समुदाय, स्कूलों, और स्वयंसेवी संगठनों को शामिल कर बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।
- जल संरक्षण उपाय: बांध निर्माण और वर्षा जल संग्रहण प्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पौधों की देखभाल के लिए पानी की कमी न हो।
- पक्षीघर का विस्तार: मौजूदा पक्षीघर को और विकसित कर पक्षी प्रजातियों के संरक्षण और पर्यटकों के लिए आकर्षण बढ़ाया जाएगा।
- सार्वजनिक भागीदारी: स्थानीय निवासियों, विशेष रूप से युवाओं और स्कूलों को इस परियोजना से जोड़ा जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो।
- निगरानी और रखरखाव: वन विभाग और नगर निगम द्वारा नियमित निगरानी और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि परियोजना दीर्घकालिक रूप से सफल रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट रिपब्लिक सागर मीडिया !
संवाददाता अर्पित सेन
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