सागर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना की मांग: क्षत्रिय समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन !

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सागर जिले में सोमवार को क्षत्रिय समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा। समाज के सदस्य पहले खेल परिसर में एकत्रित हुए, फिर रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन में समाज ने आग्रह किया कि सागर शहर में महाराणा प्रताप की विशाल मूर्ति स्थापित की जाए, जो उनकी धरोहर का प्रतीक हो।

मूर्ति स्थापना के लिए पहले ही स्वीकृत राशि

ज्ञापन में बताया गया कि सागर में महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने के लिए तत्कालीन नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने विशेष निधि से 1 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। यह राशि नगर निगम को पहले ही प्राप्त हो चुकी है और मूर्ति का स्थान भी निर्धारित किया जा चुका है। हालांकि, अब तक मूर्ति की स्थापना में देरी हो रही है, जिससे क्षत्रिय समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

मूर्ति स्थापना में देरी को लेकर रोष

क्षत्रिय समाज के सदस्य इस देरी को लेकर नाराज हैं और उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांग की है कि शीघ्र महाराणा प्रताप की प्रतिमा की स्थापना की जाए। समाज के अध्यक्ष लखन सिंह बामोरा ने कहा कि यह मूर्ति समाज के लिए एक गौरव का प्रतीक है, और इसकी स्थापना में हो रही देरी क्षत्रिय समाज के सम्मान को ठेस पहुंचा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मूर्ति की स्थापना में और देर हुई तो समाज बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगा।

बांग्लादेश में हिंदू और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों का विरोध

ज्ञापन में केवल मूर्ति स्थापना की मांग ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में भी प्रधानमंत्री के नाम एक अन्य ज्ञापन सौंपा गया। क्षत्रिय समाज के लोग इस मुद्दे पर भी अपनी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उचित कार्रवाई की अपील कर रहे हैं।

समाज के प्रमुख सदस्य शामिल

इस ज्ञापन सौंपने के दौरान क्षत्रिय समाज के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित थे। इनमें राजेंद्र सिंह मोकलपुर, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, और बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल थे। समाज ने स्पष्ट किया कि वे अपनी धरोहर को बनाए रखने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं, और मूर्ति की स्थापना को लेकर प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद करते हैं।

समाज का प्रदर्शन और आंदोलन की चेतावनी

क्षत्रिय समाज ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही मूर्ति की स्थापना की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो वे विरोध प्रदर्शन में उतारेंगे। समाज के लोगों ने साफ किया कि यह केवल मूर्ति की स्थापना का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह उनकी अस्मिता और सम्मान का सवाल है।

समाज की भावनाओं को समझने की अपील

ज्ञापन में प्रशासन से यह भी अपील की गई है कि वह समाज की भावनाओं का सम्मान करें और जल्द से जल्द मूर्ति की स्थापना की प्रक्रिया शुरू करें। समाज का मानना है कि महाराणा प्रताप की प्रतिमा केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि एक प्रतीक है जो उनकी वीरता और बलिदान की याद दिलाता है।

क्षत्रिय समाज की यह पहल सागर और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि महाराणा प्रताप का इतिहास और उनका योगदान क्षेत्रीय पहचान का अहम हिस्सा हैं। समाज के इस आंदोलन से यह भी स्पष्ट होता है कि वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने के लिए कड़ी मेहनत और संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। प्रशासन के लिए यह एक चुनौती है कि वह समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र और सही तरीके से इस मुद्दे का समाधान निकाले।

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