सागर जिले के मकरोनिया के रजाखेड़ी दुर्गा नगर में स्थित महालक्ष्मी ट्रेडर्स मसाला फैक्ट्री पर सोमवार को मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत प्रशासन ने दबिश दी और फैक्ट्री को सील कर दिया। यह कार्रवाई मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई, जिसमें टीम ने फैक्ट्री परिसर से विभिन्न मसालों के सैंपल लिए और फैक्ट्री को सील कर दिया।

कार्रवाई की शुरुआत
सोमवार को जिला प्रशासन की टीम ने सागर कलेक्टर के निर्देश पर महालक्ष्मी ट्रेडर्स मसाला फैक्ट्री पर दबिश दी। इस अभियान में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, तहसीलदार और पुलिस विभाग की टीम शामिल थी। जब टीम फैक्ट्री पहुंची, तो फैक्ट्री का गेट बंद था, जिसे खुलवाकर टीम ने कार्रवाई शुरू की।
फैक्ट्री में मिले अनियमितताएं
फैक्ट्री परिसर का निरीक्षण करने पर पाया गया कि यहां तीन कमरे, दो कोल्ड स्टोरेज यूनिट और एक टीनशेड था। टीनशेड में तीन बड़ी मशीनें पाई गईं, जिनका इस्तेमाल मूंगफली दाना, धनिया ग्रेडिंग और मिर्च पिसाई के लिए किया जा रहा था। इन मशीनों के पास करीब 30 बोरी पिसी हुई सामग्री रखी हुई थी। अन्य कमरे में धनिया, भूसा, सूखी सामग्री, डंठल और गुठलियों से भरी बोरियां रखी गईं थीं।

मिलावट की आशंका और सैंपलिंग
टीम ने मिलावट की आशंका के चलते फैक्ट्री से विभिन्न मसालों के सैंपल लिए। इन सैंपलों में धनिया पाउडर, मिर्ची पाउडर, मूंगफली पाउडर, कसूरी मैथी और सुखी मिर्च जैसी सामग्री शामिल थीं। इसके बाद, सैंपल को लैब परीक्षण के लिए भेजा गया। मिलावट की पुष्टि होने पर फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री के मालिक का बयान
फैक्ट्री के मालिक प्रताप राय आहूजा और प्रभारी आदर्श आहूजा मौके पर पहुंचे। जब टीम ने छापा मारा, तो आहूजा ने खुद को फैक्ट्री का प्रभारी बताते हुए फैक्ट्री में हो रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री परिसर को सील कर दिया।
मिलावट से मुक्ति अभियान का उद्देश्य
यह कार्रवाई सागर जिले में चलाए जा रहे मिलावट से मुक्ति अभियान का हिस्सा है। कलेक्टर संदीप GR के नेतृत्व में यह अभियान लगातार जारी है, जिसमें मिलावट करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि नागरिकों को मिलावटी खाद्य पदार्थों से सुरक्षित रखा जा सके, और जो लोग इस तरह के गैरकानूनी कार्यों में शामिल हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

सिटी मजिस्ट्रेट का बयान
सिटी मजिस्ट्रेट जूही गर्ग ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से लोगों में यह संदेश जाएगा कि प्रशासन मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने में पूरी तरह से गंभीर है और कोई भी दोषी नहीं बचेगा।
सैंपल की जांच पूरी होने के बाद यदि मिलावट की पुष्टि होती है, तो फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रशासन ने साफ किया है कि इस अभियान के तहत जिले भर में अन्य फैक्ट्रियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि मिलावटी सामग्री से बचा जा सके और नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित खाद्य पदार्थ मिल सकें।
इस कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि प्रशासन मिलावटखोरी के खिलाफ गंभीर है और किसी भी प्रकार की मिलावट को बर्दाश्त नहीं करेगा।