सागर में महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्यक्रम आयोजित

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सागर, मध्यप्रदेश। नवरात्रि महोत्सव के अवसर पर सागर शहर में गरबा पंडालों में भाग लेने वाली महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा और बचाव तकनीक से लैस करने के लिए पुलिस प्रशिक्षण शाला सागर द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के महत्व और आत्मरक्षा की बारीकियों से अवगत कराया गया।


कार्यक्रम का आयोजन और उद्देश्य

इस कार्यक्रम का आयोजन पुलिस अधीक्षक श्रीमती लवली सोनी के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि सागर रोट्ररी क्लब ने सहयोग प्रदान किया।

उद्देश्य:

  • नवरात्रि महोत्सव में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • अपराधियों द्वारा की जाने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा और दुराचार से बचाव।
  • बालिकाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और मानसिक रूप से मजबूत बनाना।

जागरूकता कार्यक्रम से यह संदेश दिया गया कि महिलाएं और बच्चियां किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं समझी जाएं, और वे अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें।


प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा

स्थान और तिथियां:

  • 17 सितम्बर 2025: वृंदावन गार्डन गरबा पंडाल
  • 18 सितम्बर 2025: राघव गार्डन गरबा पंडाल
  • 19 सितम्बर 2025: अमन गार्डन गरबा पंडाल

प्रशिक्षण में शामिल विषय:

  • हैंड मूवमेंट तकनीक
  • पंचेस और ब्लॉकिंग तकनीक
  • आत्मरक्षा की मूलभूत उपाय
  • मानसिक दृढ़ता और साहसिक सोच

प्रशिक्षण टीम:

  • निरीक्षक: श्री अफरोज खान
  • सउनि: श्रीमती द्रोपती साहू
  • यूएसी प्रशिक्षक: श्री सुरेश रैना और श्री सुरेन्द्र सिंह
  • आरक्षक: मनीष पाण्डेय

मुख्य बिंदु

  1. सशक्तिकरण: पुलिस अधीक्षक श्रीमती लवली सोनी ने प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं से कहा कि वे मजबूत और सुदृढ़ बनें और किसी भी परिस्थिति में खुद को कमजोर न समझें।
  2. व्यावहारिक प्रशिक्षण: प्रशिक्षण में प्रत्यक्ष रूप से पैंचेस, ब्लॉकिंग और बचाव तकनीक का अभ्यास कराया गया।
  3. सुरक्षा जागरूकता: महिलाओं और बालिकाओं को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और साहसिक कदम उनके जीवन को सुरक्षित रख सकते हैं।
  4. समुदाय की भागीदारी: इस कार्यक्रम में सागर रोट्ररी क्लब के अध्यक्ष श्री आशीष सिंह और सचिव श्री नितिन जैन ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
  5. नवरात्रि महोत्सव में सुरक्षा: कार्यक्रम का महत्व इस तथ्य में भी है कि नवरात्रि में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चियां पंडालों में भाग लेती हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अधिकारियों की टिप्पणियाँ

पुलिस अधीक्षक श्रीमती लवली सोनी ने कहा:

“हमारा उद्देश्य सिर्फ तकनीक सिखाना नहीं है, बल्कि महिलाओं और बालिकाओं में मानसिक मजबूती और आत्मनिर्भरता लाना है। किसी भी परिस्थिति में डरने की बजाय साहसिक कदम उठाना ही हमारी प्राथमिकता है।”

सागर रोट्ररी क्लब के अध्यक्ष श्री आशीष सिंह ने भी कहा कि यह पहल महिलाओं के लिए सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


निष्कर्ष

इस प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं और बालिकाओं के लिए न केवल आत्मरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में सुरक्षा और सशक्तिकरण की भावना को भी बढ़ावा देता है। सागर शहर में आयोजित यह पहल अन्य शहरों के लिए भी आदर्श साबित हो सकती है।

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