
आयोजन अवधि: 25 नवंबर से 10 दिसंबर 2024
आयोजक: महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश
प्रमुख मार्गदर्शक: कलेक्टर श्री संदीप जी.आर.
मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की रोकथाम और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 15 दिवसीय ‘हम होंगे कामयाब’ अभियान का आयोजन किया जा रहा है। राज्य स्तरीय शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया के द्वारा किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों और संगठनों के सहयोग से गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
अभियान का उद्देश्य:
- जेंडर आधारित हिंसा को रोकने के लिए समाज में जागरूकता फैलाना।
- महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा, और सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना।
- समाज में लैंगिक संवेदनशीलता और समानता को बढ़ावा देना।
अभियान की मुख्य गतिविधियां:
अभियान के दौरान हर दिन अलग-अलग थीम और विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो समुदाय, युवाओं, और सरकारी विभागों को सक्रिय रूप से जोड़ेंगे।
अभियान की प्रमुख तिथियां और कार्यक्रम:
- 25 नवंबर:
- राज्य स्तरीय दो दिवसीय जेंडर संवेदनशीलता कंसल्टेशन कार्यक्रम।
- समन्वित विभागों और विकास सहयोगियों (यूनिसेफ, यूनवीमेन) के साथ चर्चा।
- संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ऑनलाइन भागीदारी।
- 26 नवंबर:
- फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं (आंगनवाड़ी, वन स्टॉप सेंटर, शौर्य दल) के लिए जेंडर संवेदीकरण।
- जेंडर आधारित हिंसा के मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर वेबिनार।
- 27 नवंबर:
- बाल विवाह निषेध जागरूकता:
- बाल विवाह निषेध अधिनियम पर सत्र।
- इसके उल्लंघन के कानूनी परिणामों पर चर्चा।
- बाल विवाह निषेध जागरूकता:
- 28 नवंबर:
- सोशल मीडिया अभियान:
- महिलाओं के अधिकारों, हेल्पलाइन, और सी-बाक्स पोर्टल की जानकारी।
- बाल विवाह मुक्त भारत के लिए डिजिटल प्रतिज्ञा।
- सोशल मीडिया अभियान:
- 29 नवंबर:
- घरेलू हिंसा रोकथाम:
- घरेलू हिंसा अधिनियम के प्रावधानों पर जागरूकता सत्र।
- घरेलू हिंसा रोकथाम:
- 30 नवंबर:
- कानूनी जागरूकता कार्यशालाएं।
- 2 दिसंबर:
- पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम:
- कन्या भ्रूण हत्या और लिंग चयन रोकथाम पर जागरूकता।
- पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम:
- 3 दिसंबर:
- समुदाय में जेंडर उन्मुखीकरण।
- 4 दिसंबर:
- संस्थागत संबंधों को मजबूत करना।
- 5 दिसंबर:
- पॉजिटिव मर्दानगी (सकारात्मक पुरुषत्व):
- पुरुषों और लड़कों को लैंगिक समानता के प्रति संवेदनशील बनाना।
- पॉजिटिव मर्दानगी (सकारात्मक पुरुषत्व):
- 6 दिसंबर:
- साइबर सुरक्षा और हेल्पलाइन:
- डिजिटल सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं पर जागरूकता।
- साइबर सुरक्षा और हेल्पलाइन:
- 7 दिसंबर:
- कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न:
- सुरक्षित और लैंगिक संवेदनशील कार्यस्थल बनाने पर चर्चा।
- कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न:
- 9 दिसंबर:
- डिजिटल साक्षरता:
- साइबर अपराधों से बचने के लिए मार्गदर्शन।
- डिजिटल साक्षरता:
- 10 दिसंबर:
- अभियान का समापन:
- समग्र कार्यक्रमों की समीक्षा और भविष्य की योजनाएं।
- अभियान का समापन:
सहयोगी विभाग और संस्थाएं:
- नगरीय विकास, पंचायत राज, स्वास्थ्य, शिक्षा, गृह (पुलिस), सामाजिक न्याय, श्रम, तकनीकी शिक्षा, खेल और युवा कल्याण।
- विकास भागीदार: यूनिसेफ, यूनवीमेन, यूनएफपीए।
अभियान की महत्ता:
यह पखवाड़ा समाज को महिलाओं के अधिकार, हिंसा रोकथाम, और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक करेगा। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं का यह संयुक्त प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल तैयार करने में सहायक होगा।
आपका समर्थन और सहभागिता इस अभियान को सफल बनाएगी।