
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के प्रति होने वाले अपराधों को रोकना और समाज में लिंग आधारित भेदभाव को समाप्त करना है। पुलिस और महिला बाल विकास विभाग ने मिलकर इस कार्यशाला में सागर पुलिस के सभी थानों के बाल कल्याण अधिकारियों और चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को शामिल किया।महिला सुरक्षा पर जागरूकता का संदेशकार्यशाला के दौरान सहभागियों को महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों और उनके सुरक्षा उपायों से अवगत करवाया गया। उन्हें यह समझाने का प्रयास किया गया कि जेंडर आधारित भेदभाव को समाप्त करना, महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता स्थापित करना और समाज में बेटा-बेटी के बीच किसी भी प्रकार के भेदभाव को खत्म करना अत्यंत आवश्यक है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि समाज में समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज में बेटियों को समान अधिकार और सम्मान प्रदान करने से ही एक सुरक्षित और समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सकता है।सायबर अपराधों और नशामुक्ति पर चर्चाकार्यशाला में बच्चों और युवाओं को वर्तमान समय में बढ़ रहे सायबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, नशा मुक्ति अभियान के तहत नशे के दुष्परिणामों पर भी चर्चा की गई।विशेष किशोर इकाई की अधिकारी ज्योति तिवारी ने बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया कि सायबर सुरक्षा और नशा मुक्ति जैसे विषय आज की युवा पीढ़ी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।प्रेरणा और निर्देशकार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी बाल कल्याण अधिकारियों और अन्य सहभागियों को अपने-अपने क्षेत्र में “हम होंगे कामयाब” अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित होंगे।