सागर में मानव अधिकार आयोग की अहम बैठक, जिलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश !

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सागर।
समाज में समरसता, सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था बनाए रखना मानव अधिकार आयोग का प्रथम दायित्व है। इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ लगातार सक्रिय रहकर कार्य करना होगा। यह निर्देश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने सागर में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिए।

बैठक में संभाग आयुक्त अनिल सुचारी, कलेक्टर संदीप जी आर, पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल, नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री, संयुक्त कलेक्टर राजनंदनी शर्मा, नगर निगम उपायुक्त एस.एस. बघेल, एसडीएम अमन मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि मानव अधिकारों से जुड़े सभी मामलों का त्वरित और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानव अधिकारों की रक्षा केवल कागजी प्रक्रिया न रहे, बल्कि धरातल पर उसका प्रभाव दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि राजस्व अभिलेखों का पूर्ण रूप से डिजिटलीकरण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को समय-सीमा में राजस्व संबंधी दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराई जा सकें। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।

पेयजल व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि इंदौर जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन को निरंतर सजग रहना होगा। कुओं, हैंडपंपों, पानी की टंकियों सहित सभी पेयजल स्रोतों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। कहीं भी पानी का रिसाव या लीकेज न हो, इस पर विशेष निगरानी रखी जाए, क्योंकि दूषित जल से बीमारियों का खतरा बढ़ता है, जो सीधे तौर पर मानव अधिकारों का उल्लंघन है।

उन्होंने डॉग बाइट की घटनाओं को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि समाज को सुदृढ़ और सुरक्षित बनाने के लिए सभी विभाग सजग, सतर्क और संवेदनशील होकर कार्य करें।

मानव अधिकार आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मानव अधिकारों का संरक्षण आयोग का मूल दायित्व है और यह अधिकार भारतीय संविधान द्वारा प्रत्येक नागरिक को गारंटी के रूप में प्रदान किए गए हैं। इसलिए शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि इन अधिकारों की हर स्तर पर रक्षा सुनिश्चित की जाए।

बैठक में संभाग आयुक्त अनिल सुचारी ने संभाग की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं कलेक्टर संदीप जी आर और पुलिस अधीक्षक विकास शाहवाल ने जिले में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक जानकारी साझा की।

बैठक का उद्देश्य प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करना और मानव अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा, ताकि समाज में शांति, सुरक्षा और सशक्तिकरण को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

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