सागर। जिले में अवैध रूप से बिक रही नशीली दवाओं और मरीजों को परोसी जा रही एक्सपायरी मेडिसिन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। शुक्रवार को गठित विशेष निरीक्षण टीम ने देवरी और गौरझामर क्षेत्र के कई मेडिकल स्टोर्स पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान जहां कुछ दुकानों पर बिक्री बिल तक उपलब्ध नहीं मिले, वहीं गौरझामर के मेडिकल स्टोर्स में एक्सपायरी दवाइयां पाई गईं। अधिकारियों ने संचालकों को तीन दिन में दस्तावेज प्रस्तुत करने और संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

देवरी के मेडिकल स्टोर्स पर जांच
निरीक्षण टीम सबसे पहले लख्मीचंद खूबचंद मेडिकल स्टोर पर पहुंची। यहां संचालक कोई भी बिक्री बिल प्रस्तुत नहीं कर सके।
- टीम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नारकोटिक (नशीली) दवाओं की खरीदी और बिक्री से जुड़े दस्तावेज तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराए जाएं।
- इसके बाद टीम ने सागर मेडिकल, अशोक मेडिकल और बृजनाथ मेडिकल का भी निरीक्षण किया।
- सभी संचालकों को हिदायत दी गई कि वे खरीदी और बिक्री से संबंधित सभी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करें।
गौरझामर में मिली एक्सपायरी दवाएं
निरीक्षण टीम जब गौरझामर पहुंची, तो यहां स्थिति और गंभीर निकली।
- अंशुल मेडिकल और अशोक मेडिकल में एक्सपायरी दवाइयां स्टॉक में पाई गईं।
- टीम ने दोनों संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
- अधिकारियों ने साफ किया कि यदि संचालकों का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान का मकसद
अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है:
- मरीजों को सुरक्षित और मानक दवाइयां उपलब्ध कराना।
- नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की गैरकानूनी बिक्री पर रोक लगाना।
- मेडिकल कारोबार में पारदर्शिता और अनुशासन स्थापित करना।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
औषधि विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने स्पष्ट किया कि –
- पूरा जिला इस कार्रवाई के दायरे में आएगा।
- आने वाले दिनों में हर कस्बे और गांव के मेडिकल स्टोर्स की जांच की जाएगी।
- दोषी पाए जाने वाले दुकानदारों पर जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की अपील
जांच टीम ने आम नागरिकों से अपील की कि –
- वे दवा खरीदते समय बिल अवश्य लें।
- हमेशा दवा की एक्सपायरी डेट जांचें।
- किसी भी दुकान पर संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें।