सागर जिले में यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। परिवहन आयुक्त, मध्यप्रदेश ग्वालियर एवं कलेक्टर सागर के निर्देशों के क्रम में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ), सागर द्वारा यात्री बसों, स्कूल बसों एवं अवैध रूप से संचालित वाहनों की व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर चार यात्री बसों का पंजीयन निरस्त करते हुए उन्हें स्क्रैप करने के आदेश जारी किए गए हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर कड़ी कार्रवाई
चेकिंग के दौरान यह पाया गया कि चार यात्री बसों में—
- इमरजेंसी गेट पर सीटें लगाई गई थीं,
- अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे,
- तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों का भी अभाव था।
इन गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए संबंधित बस संचालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और ₹25,000 का जुर्माना वसूल किया गया।

फिटनेस आवेदन निरस्त, गैरेज भेजी गई बसें
फिटनेस प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कार्यालय में उपस्थित दो स्लीपर कोच यात्री बसों के फिटनेस आवेदन भी निरस्त कर दिए गए। इन बसों को निर्देशित किया गया है कि—
- आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा सुधार कर
- निर्धारित मानकों के अनुरूप
- पुनः फिटनेस जांच के लिए प्रस्तुत करें।
सुधार कार्य पूर्ण होने तक इन बसों को गैरेज भेजने के आदेश जारी किए गए हैं।
मौके पर हटाई गई अवैध संरचनाएं
चेकिंग के दौरान दो यात्री बसों में—
- इमरजेंसी गेट पर लगी सीटें
- तथा पीछे के कांच पर लगी लोहे की जालियां
को मौके पर ही निकलवाकर जप्त किया गया, जिन्हें कार्यालय में सुरक्षार्थ रखा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की संरचनाएं आपात स्थिति में यात्रियों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।

पहले ही दिए जा चुके हैं स्पष्ट निर्देश
गौरतलब है कि दिनांक 13 जनवरी 2026 को समस्त स्लीपर कोच यात्री बस संचालकों के साथ आयोजित बैठक में आरटीओ कार्यालय द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि—
- सभी स्लीपर कोच बसों में एआईएस-119 (AIS-119) के अनुरूप अनिवार्य सुधार किए जाएं,
- सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए।
इसके बावजूद नियमों की अनदेखी किए जाने पर अब यह सख्त कार्रवाई की गई है।
आरटीओ की चेतावनी
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि—
“यदि कोई भी यात्री बस निर्धारित सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 के विभिन्न प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसमें पंजीयन निरस्तीकरण, भारी जुर्माना और वाहन जब्ती तक की कार्रवाई शामिल होगी।”
यात्री सुरक्षा सर्वोपरि
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इसका उद्देश्य—
- यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा
- अवैध एवं असुरक्षित वाहनों पर रोक
- तथा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।
प्रशासन ने बस संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, अन्यथा भविष्य में और भी सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।