मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी में शुक्रवार की रात एक 22 वर्षीय युवक, हेमंत उर्फ हिम्मू पिता शिव पटेल, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस भारी दबाव में है, लेकिन अभी तक स्पष्ट बयान देने से बच रही है।

घटनाक्रम: संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
देवरी के बाजार वार्ड निवासी हिम्मू को शुक्रवार को अचानक उल्टी की शिकायत हुई। परिजनों ने उसे तुरंत शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सागर रेफर कर दिया गया। हालांकि, सागर पहुंचने से पहले ही हिम्मू ने दम तोड़ दिया।
मृतक के भाई अंकित पटेल के अनुसार, उन्हें एक फोन आया था जिसमें सूचना दी गई थी कि हिम्मू फूटा मंदिर के पास पड़ा है। घटनास्थल पर पहुंचने पर हिम्मू नहीं मिला। बाद में थाने जाकर उन्होंने देखा कि हिम्मू बुरी हालत में था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने बताया कि कुछ लोगों ने उसे डंडों से पीटा और जहर खिलाया।
चक्काजाम और परिजनों का गुस्सा
मौत की खबर सुनते ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोग देवरी अस्पताल के सामने एकत्रित हो गए। शुक्रवार रात, परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम किया। इस दौरान मृतक की मां, सुमित रानी, और बुआ, पार्वती, ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने हिम्मू के साथ मारपीट की थी।
परिजनों का कहना है कि हिम्मू का किसी लड़की से बातचीत होती थी, जिससे नाराज होकर लड़की के परिवार वालों ने उसे पीटा। आरोप है कि हिम्मू को पुलिस थाने भी ले जाया गया, लेकिन वहां भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

परिजनों की मांग
- थाने के सीसीटीवी फुटेज दिखाए जाएं:
परिजनों ने मांग की है कि पुलिस थाने में हुई घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किए जाएं। - दोषियों पर सख्त कार्रवाई:
मृतक के भाई अंकित और बुआ पार्वती ने मांग की है कि जिन लोगों ने मारपीट और जहर खिलाने की घटना को अंजाम दिया, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। - पुलिस की भूमिका की जांच:
सवाल उठ रहे हैं कि जब हिम्मू थाने में था, तो पुलिस ने उसका बयान क्यों नहीं लिया और उसे समय पर इलाज के लिए अस्पताल क्यों नहीं भेजा?
पुलिस की चुप्पी और जांच की स्थिति
चार घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात किया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने मीडिया के सामने आने और मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
स्थानीय पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। परिजनों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया गया।

मृतक का बयान और भाई का आरोप
मृतक हिम्मू के भाई अंकित ने बताया कि हिम्मू ने अस्पताल में बताया था कि कुछ लोगों ने उसे फोन कर बुलाया और फिर डंडों से पीटा। इसके बाद उसे जबरन जहर खिलाया गया।
परिजनों का आरोप है कि दोषियों की पहचान हो चुकी है, लेकिन पुलिस कार्रवाई में देरी कर रही है।
सामाजिक और प्रशासनिक चिंताएं
यह घटना सागर जिले में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा पुलिस की निष्क्रियता और पारदर्शिता की कमी के कारण और भड़क गया है।
ऐसे मामलों में तेजी से न्याय और पारदर्शिता प्रशासन के लिए जरूरी है।
हेमंत उर्फ हिम्मू की मौत एक गंभीर और रहस्यमय घटना है। परिजनों का आरोप और पुलिस की चुप्पी इसे और पेचीदा बना रही है। घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल हो सके।