कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर सागर शहर में देव दीपावली का भव्य आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव के संगम इस उत्सव में लाखा बंजारा झील के घाटों पर 1 लाख 11 हजार 111 दीपों से जगमग नजारा देखने को मिला। दीपों की रौशनी से पूरा घाट स्वर्गिक आभा में नहाया हुआ प्रतीत हुआ।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने देव दीपावली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि—
“हमारा देश त्यौहारों का देश है। प्रत्येक पर्व हमारी समृद्ध और वैभवशाली संस्कृति का प्रतीक है। सागर में आज जो दृश्य दिख रहा है, वह ऐसा लग रहा है मानो हम बनारस के घाटों पर खड़े हों।”
मंत्री राजपूत ने नगर निगम सागर द्वारा बनारस की तर्ज पर की गई तैयारी की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मकता और एकता का भाव बढ़ता है। उन्होंने निगमायुक्त राजकुमार खत्री सहित पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएँ, सरकार सदैव ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करेगी।
सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने दी बधाई
इस अवसर पर सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने भी उपस्थित होकर सभी नागरिकों को देव दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा—
“देव दीपावली वह पर्व है जब देवताओं ने राक्षस के संहार की खुशी में धरती पर आकर दीप जलाए थे। यह उत्सव बुराई पर अच्छाई की जीत और प्रकाश पर अंधकार की विजय का प्रतीक है।”
भव्य दृश्य बना आकर्षण का केंद्र
झील के किनारे सजे दीपों की कतारें, रंग-बिरंगी रोशनी, पुष्प सजावट और संगीत के सुरों ने माहौल को अलौकिक बना दिया। घाटों पर उमड़ी भारी भीड़ ने ‘हर हर गंगे’ और ‘दीपदान’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय कर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथि
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, भाजपा नेता नेवी जैन, नगर निगम के पार्षदगण, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शहरवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।